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अनुशासन पर निबंध | Essay on Discipline in Hindi

अनुशासन पर निबंध | Essay on Discipline in Hindi

essay on discipline in student life in hindi, quotes on discipline in hindi, vidyarthi jeevan me anushasan ka mahatva essay in hindi, essay on discipline in hindi for class 5: अनुशासन शब्द का अर्थ है नियंत्रण अथवा स्वयं संयमपूर्ण रहना. अनुशासन शब्द अनु और शासन इन दोनों शब्दों के मेल से बना हैं. अनु का अर्थ पीछे या अनुकरण करना है तथा शासन का अर्थ व्यवस्था या नियंत्रण करना हैं.

इस प्रकार स्वयं को नियम के अनुसार ढालना, व्यवस्था का पालन करना और अपने आचरण पर नियंत्रण करना अनुशासन कहलाता हैं. इस अनुशासन से प्रत्येक व्यक्ति को अपने चरित्र एवं व्यक्तित्व का अच्छा विकास कर सकता हैं. राष्ट्र की प्रगति के लिए देशवासियों में अनुशासन अत्यावश्यक हैं.

अनुशासन का महत्व- केवल विद्यार्थियों के लिए ही नहीं, प्रत्येक व्यक्ति के लिए जीवन में अनुशासन का विशेष महत्व हैं. जिस राष्ट्र के नागरिक जीवन में अनुशासन अपनाते हैं. और समय का उपयोग करने के लिए सतर्क रहते हैं. वह राष्ट्र प्रगति के पथ पर आगे बढ़ता ही जाता हैं.

परन्तु विद्यार्थियों के लिए तो यह अतीव महत्वपूर्ण हैं अनुशासन से ही विद्यार्थी अच्छे संस्कारों को अपना सकते हैं. और अपना शारीरिक और बौद्धिक विकास कर सकते हैं. आज जो विद्यार्थियों और कर्मचारियों में निराशा और असंतोष की स्थिति बढ़ रही हैं उसका प्रमुख कारण अनुशासन का अभाव हैं. इसलिए अनुशासन का जीवन और चरित्र निर्माण में विशेष महत्व हैं.

अनुशासनहीनता के कारण- हमारे देश में अनुशासनहीनता के अनेक कारण हैं. हमारी दोषपूर्ण शिक्षा प्रणाली, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के बीच मधुर सम्बन्धों का अभाव, कर्मचारियों एवं अधिकारियों में स्वार्थी भावना और कर्तव्यनिष्ठा का अभाव, राजनीति में भ्रष्टाचार व स्वार्थी प्रवृत्ति का बोलबाला आदि अनेक कारण हैं, जिनसे हमारे सारे समाज और राष्ट्र का वातावरण दूषित हो रहा हैं.

घोर स्वार्थी प्रवृत्ति और कामचोर स्वभाव होने से कर्मचारियों में अनुशासन की भावना समाप्त हो गई हैं. शिक्षा प्रणाली दोषपूर्ण हैं. इससे ऐसे नागरिकों का निर्माण हो रहा हैं. जो आदर्शों और मानवीय मूल्यों का महत्व नहीं जानते हैं. इन सभी कारणों से हमारे छात्र, युवा एवं समाज के अन्य लोग अनुशासन से रहित हो रहे हैं. वे स्वतंत्रता का अर्थ स्वेच्छाचरण मानकर अनुशासन का पालन नहीं कर रहे हैं.

अनुशासन सफलता का रहस्य- जीवन में सफलता का रहस्य अनुशासन हैं. जिन राष्ट्रों के लोगों में अनुशासन का महत्व स्वीकार्य हैं वे अपना और अपने राष्ट्र का गौरव बढ़ाते हैं. विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का तो विशेष महत्व हैं क्योंकि आज का विद्यार्थी राष्ट्र का भावी सुनागरिक हैं. अनुशासनप्रिय विद्यार्थी जीवन पथ पर स्वतः अग्रसर हो सकता हैं.

अनुशासनार्थ सुझाव- अनुशासन अपनाने हेतु महत्वपूर्ण सुझाव रूप में प्रत्येक नागरिक में कर्तव्य भावना का जागरण होना चाहिए. इसके लिए शिक्षा प्रणाली में सुधार जरुरी हैं. हमें हमारे महापुरुषों तथा आदर्श व्यक्तियों का चारित्रिक विकास की दृष्टि से अनुकरण करना चाहिए. इन सुझावों का पालन करने से अनुशासनप्रिय बना जा सकता हैं.

उपसंहार- अनुशासन एक ऐसी प्रवृत्ति या संस्कार हैं जिसे अपनाकर प्रत्येक व्यक्ति अपना जीवन सफल बना सकता हैं. इससे श्रेष्ट गुणों का विकास होता हैं. अनुशासित रहकर प्रत्येक छात्र प्रत्येक कर्मचारी और प्रत्येक नागरिक अपनी तथा देश की प्रगति में सहायक हो सकता हैं.

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