100- 200 Words Hindi Essays, Notes, Articles, Debates, Paragraphs & Speech

Wake Up Poem In Hindi | सुबह जल्दी उठने पर कविता

Wake Up Poem In Hindi | सुबह जल्दी उठने पर कविता : हर व्यक्ति को सुबह वक्त पर उठकर अपनी दैनिक दिनचर्या करनी चाहिए, सुबह जल्दी उठने wake up time poem के कई सारे फायदे हैं. आज की हिंदी कविता में हम know how to wake up early in the morning के बारे में आपकों बता रहे हैं.

Wake Up Poem In Hindi | सुबह जल्दी उठने पर कविता 

भई सूरज
जरा इस आदमी को जल्दी जगाओं
भई पवन
जरा इस आदमी को हिलाओं
यह आदमी जो सोया पड़ा हैं
जो सच से बेखबर
सपनों में खोया पड़ा है
भई पंछी
इसके कानों पर चिल्लाओं
भई सूरज जरा इस आदमी को जगाओं
वक्त पर जगाओं
नहीं तो जब बेवक्त जागेगा यह
तो जो आगे निकल गये हैं
उन्हें पाने घबरा के भागेगा यह
घबरा के भागना अलग है
क्षिप्र गति अलग है
क्षिप्र तो वह है
जो सही क्षण में सजग है
सूरज इसे जगाओं
पवन इसे हिलाओं
पंछी इसके कानों पर CHILLAAON

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपनी मूल्यवान राय दे