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तमिलनाडु पर निबंध Essay On Tamil Nadu In Hindi

तमिलनाडु राज्य पर निबंध Essay On Tamil Nadu In Hindi नमस्कार दोस्तों आज हम भारत के सबसे सुन्दर राज्य तथा दक्षिणतम भाग के सबसे बड़े राज्य तमिलनाडु के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे.

तमिलनाडु पर निबंध Essay On Tamil Nadu In Hindi

तमिलनाडु पर निबंध Essay On Tamil Nadu In Hindi

तमिलनाडु भारत का सबसे दक्षिणतम राज्य है. तमिलनाडु अपनी धार्मिक और विरासत के लिए प्रसिद्ध है. इस राज्य का इतिहास अदुत रहा है. यहाँ के पर्यटन स्थल खान-पान वेशभूषा तथा संस्कृति इसे महान बनाती है.

इस राज्य पर चोलो चेरो और पल्लवों राजवंशो ने कई सालो तक शासन किया था. इस राज्य के रीती रिवाज नियम और प्रथाए काफी प्रचलित है. यहाँ के लोग भगवान में आस्था रखते है.

तमिलनाडु के प्रसिद्ध स्थल मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी तथा ऊटी के खूबसूरत हिल स्टेशन है. जो इस राज्य में आने वाले पर्यटकों का मनोरंजन करते है. तथा मनमोहित कर देते है. इस राज्य में अनेक किले है.

तमिलनाडु तमिली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ तमिल लोगो का देश. ये भारत का प्रमुख राज्य है, तो अपने इतिहास के लिए प्रसिद्ध है. तमिलनाडु की राजधानी भारत के चौथा सबसे बड़ा शहर चेन्नई है. जो इस राज्य का सबसे सुन्दर शहर भी है.

चेन्नई प्राचीन समय में मद्रास के नाम से जानी जाती थी. चेन्नई आज भारत के सुन्दर और विशाल राज्यों में से एक है. 2011 की जनगणना के अनुसार चेन्नई की जनसंख्या 4,646,732 थी. तथा क्षेत्रफल 175 किमी है.

तमिलनाडु के पडौसी राज्य केरल, कर्नाटक तथा आंध्रप्रदेश है. तथा इस राज्य की सीमाए हिंदमहासागर तथा बंगाल की खाड़ी से भी लगती है. इसकी समुद्री सीमा श्रीलंका को भी स्पर्श करती है.

तमिलनाडु तटीय किनारों, नारियल के पेड़, राजसी मंदिर, सांस्कृतिक विरासत एंव वन्य अभयारण्य के लिए काफी प्रसिद्ध है. यहाँ की विरासत इसे सबसे अलग राज्य बनाती है.

Tamil Nadu In Hindi

तमिलनाडु राज्य की स्थापना 26 जनवरी 1950 की की गई थी. इस राज्य की अधिकारिक तथा अधिक बोली जाने वाली भाषा तमिली है. जो यहाँ की पहचान है. तमिलनाडु में 32 जिले है. जिसमे चेन्नई प्रमुख है.

तमिलनाडु की जनसँख्या 6.69 करोड़ है. जिस आधार पर ये भारत का छठा सबसे बड़ा राज्य है. वही क्षेत्रफल की दृष्टि से देश में ११वां स्थान है.

इस राज्य में 39 लोकसभा तथा 18 राज्यसभा सींटे है. जिनके आधार पर यहाँ चुनाव होते है. इस राज्य का क्षेञफल 130058 वर्ग किलोमीटर है. जो इसे दक्षिण राज्यों में सबसे विशाल राज्य बनाते है.

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई है, जो इसका एक प्रमुख शहर भी है. तथा चेन्नई में राज्य का उच्च न्यायालय भी स्थित है. यहाँ का मिरान तट दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री तट है.

तमिलनाडु का राज्य पक्षी इमरेल्ड डोव है।, तमिलनाडु का राज्य पशु नीलगिरी तातर है। इस राज्य का राजकीय वृक्ष ताड है. तथा राजकीय फूल कन्धल है। यहाँ का राजकीय खेल कबड्डी है.

तमिलनाडु की प्रमुख नदिया कावेेरी, वेल्लार तथा अमरावती है, जिनसे यहाँ के लोग सिंचाई करते है. तथा घरेलू प्रयोग में लेते है. कावेरी को यहाँ की सबसे प्रसिद्ध नदी माना जाता है.

इस राज्य में कावेरी नदी को दक्षिण भारत का चावल का कटोरा भी कहते है. क्योकि ये यहाँ की सबसे बड़ी नदी है. और शुद्ध जल वाली नदी है. तमिलनाडु की 47 प्रतिशत के अधिक आबादी नगरो में निवास करती है.

तमिलनाडु का भोजन चावल है. जो बड़ी शान से खाया जाता है. यहाँ चावल के साथ साथ अन्य व्यंजन को बड़े मजे से खाया जाता है. जैसे इटली और डोसा यहाँ भोजन कटोरी की बजाय केले के पत्ते पर परोसा जाता है.

तमिलनाडु कृषि प्रधान राज्य है, यहाँ पर खेती लग्न के साथ की जाती है. तथा यहाँ की फसले भो झोरो की होती है. जिसमे चावल, ज्वार, रागी, बाजरा, मक्का, दालें, गन्ना, कपास तथा तिल प्रमुख है.

History Of Tamil Nadu In Hindi

भारत का दक्षिणतम राज्य तमिलनाडु का इतिहास बेहद संघर्ष से भरा है, यहाँ पर अनेक शासको ने शासन किया. जिसमे चोर, चेरा तथा पंड्या प्रमुख रूप से थे. ये राज्य 4 शताब्दी से पूर्व द्रविड़ो का राज्य हुआ करता था.

समय के साथ साथ शासक बदले और चौथी शताब्दी के बाद इस राज्य पर पल्लव वंश का राज आ गया. इसके बाद पल्लव वंश ने इस राज्य पर हमेशा के लिए राज बनाए रखा.

तमिलनाडु में कई प्राचीन मंदिर और किले बने हुए है, जो आज खंडर बन चुके है. पर इनकी कृतिया काफी प्रसिद्ध है. जो द्रविड़ो दवारा बनाए गए थे. मंदिरों और कलाओ का निर्माण द्रविड़ो ने किया था.

हमेशा के लिए शासन स्थापित करने के विचार रखने वाला वंश 10 शताब्दी में चोल वंश से पराजय हो गया. चोल वंश का पहला शासक विजयालय था. जिन्होंने तमिलनाडु पर राज शुरू किया.

11 वी शताब्दी के समय में चोल वंश लडखडाया और इस बार तमिलनाडु में चालुक्य, चोला और पंड्या वंश ने शासन किया पर ये ज्यादा समय तक नहीं टिक सकें. और 12 शताब्दी तक तमिलनाडु पर चोल वंश ने अपना राज जमा लिया.

तमिलनाडु पर शासन के साथ ही चोल वंश ने सम्पूर्ण दक्षिण भारत पर कब्ज़ा कर लिया. दक्षिण भारत पर 14 शताब्दी तक यानी लगातार 200 साल तक राज किया.

14 शताब्दी के समय विजयनगर साम्राज्य बहुत तेजी से अपना प्रभुत्व बढ़ा रहा था. और पुरे दक्षिण भारत में अपना राज कर रहा था. इस समय मुस्लिम लोगो ने बहमनी वंश की स्थपना की. पर वे विजयनगर साम्राज्य का कुछ नहीं कर सके.

विजयनगर साम्राज्य की बढ़ते प्रभुत्व के कारण अन्य वंश यहाँ अपना प्रभुत्व स्थापित नहीं कर सकें. लेकिन 1564 में तालीकोटा के दक्खन के सुलतान के साथ हुए युद्ध में विजयनगर जैसे विशाल साम्राज्य तहस नहस हो गया.

तालीकोट के इस युद्ध से यूरोपीय लोग भारत आने के लिए अग्रसर हुए. पर भारतीय शासक ये नहीं चाहते थे. जिस कारण यहाँ के राजा सभी विदेशियों के शत्रु हो गए.

पर कुछ राजाओ से दोस्ती बनाकर पोर्तुगीज, फ्रेंच तथा अंग्रेज भारत में व्यपार के बहाने आ गए. यहाँ पर उन्होंने अपनी फैक्ट्रिया बनाई तथा कार्य को शुरू किया. उनके व्यपार से भारतीय व्यपारियो को काफी क्षति हुई.

16 शताब्दी तक ईस्ट इण्डिया कंपनी भारत में पूर्ण रूप से बस चुकी थी. 1611 में ईस्ट इण्डिया ने अपना पहला व्यवसाय केंद्र आंद्रप्रदेश के मछलीपटम शहर में किया.

ईस्ट इण्डिया कंपनी के आगमन से ही भारतीय शासको में आपसी मतभेद होने लगे और एक के बाद एक सभी एक दुसरे के दुश्मन बन गए. कोई किसी का सहारा देने के लिए तैयार नहीं था.

भारतीय शासको को आपस में शत्रु बनाने के बाद ईस्ट इण्डिया ने भारत पर शासन ज़माने का विचार प्रकट किया. और धीरे धीरे एक के बाद एक राज्यों को अपने कब्जे में कर लिया.

आधुनिक तमिलनाडु 1901 से पूर्व मद्रास प्रेसीडेंसी के नाम से संबोधित किया जाता था, पर बाद में इसे मद्रास बना दिया गया. और 1969 में इसे तमिलनाडु का नाम दिया गया था.

संस्कृति

तमिलनाडु की संस्कृति एंव सभ्यता विश्व प्रसिद्ध है, यहाँ के पुरातातित्व्क सभ्यताए और संस्कृति इसे सबसे बेहतर बनाती है. यहाँ के लोग संस्कृति को अपने जीवन का आधार मानते है.

भरतनाट्यम तमिल सभ्यता का प्राचीनतम सभ्यताओ में प्रमुख है. इस राज्य की अधिकारिक भाषा तमिल है, जिसे हाल ही में जनक का दर्जा दिया गया है.

तमिल भाषा यहाँ की सबसे प्राचीन भाषा है, जो पिछले कई दशको से बोली जाती है. आधुनिक तमिल ही प्राचीन समय में प्रयुक्त की जाती थी. यहाँ की भाषा इस राज्य के लोगो की पहचान है.

इस राज्य की सांस्कृतिक कलाए काफी प्रसिद्ध है, जिसमे  तंजावुर भित्तिचित्र, भरतनाट्यम्, मंदिर-निर्माण तथा किलो का निर्माण और मूर्ति कला यहाँ की सांस्कृतिक विशेषता है.

साहित्य:- तमिलनाडु का सबसे प्रसिद्ध साहित्यक ग्रन्थ संत कवि  तिरूवल्लुवरद्वारा रचित तिरुक्कुरल (तमिल - திருக்குறள்), तमिलनाडु का प्रसिद्ध साहित्य है. साहित्य के क्षेत्र में तमिलनाडु का पीछे रहा है, पर 20 शताब्दी तक इसका विकास संभव हुआ.

संगीत:- पुरे समाज द्वारा अपनाया जाने वाले गीत लोकगीत होता है. कर्नाटक की संगीत को यहाँ का संगीत-विधा मानते है. तमिलनाडु का लोगप्रिय संगीत विल्‍लु पत्‍तु है । जिसे लोकसंगीत का दर्जा प्राप्त है.

नृत्य:- भरतनाट्यम एक नाटक का प्रकार है, इसका जन्मदाता तमिलनाडु को माना जाता है. ये नृत्य शास्त्रीय नृत्य के रूप में भूमिका निभाता है. ये यहाँ का लोक नृत्य है.

भोजन:- यहाँ भोजन करने का रवैया कुछ अलग ही है. अन्य राज्यों के लोग भी इसकी तरह ही चावल को बड़ी दिलचस्पी से खाते है. पर सभी कटोरी का प्रयोग करते है. पर यहाँ नियम कुछ और ही है, यहाँ केले के पत्ते पर भोजन किया जाता है.

तमिलनाडु का भोजन चावल है. तथा इसके साथ अन्य व्यंजन जैसे दोसा, उथप्पम्, इद्ली भी चावल के साथ खाए जाते है. यहाँ का मिर्च मसाला बहुत स्वादिष्ट और तेज होता है.

कृषि

तमिलनाडु के अधिंकाश लोग कृषि पर निर्भर रहते है. तमिलनाडु में चावल खाया भी जाता है, तथा उगाया भी जाता है. ये चावल उत्पादन में भारत का पांचवा सबसे अधिक उत्पादक देश है.

यहाँ सम्पूर्ण भारत के 10 प्रतिशत फल और सब्जिय होती है. जो इसे देश का महत्वपूर्ण राज्य बनाती है. इस राज्य की प्रमुख नदी कावेरी यहाँ की फसलो को सिंचाई के लिए जल प्रदान करती है.

तमिलनाडु में दूध का उत्पादन सर्वाधिक होता है. यह केलों और फूलों का सर्वाधिक उत्पादन करता है. तथा आम, रबड़, मूंगफली और नारियल का दूसरा सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाला राज्य है.

यहाँ कोपी का उत्पादन भी काफी अधिक होता है. देश का तीसरा सबसे अधिक कॉपी उत्पादक राज्य है. यहाँ गन्ने का उत्पादन भी किया जाता है. इस प्रकार कृषि में ये राज्य बेहतर उपज प्रदान करता है.

तमिलनाडु राज्य के त्यौहार Festivals of state of Tamil Nadu

तमिलनाडु में अनेक त्यौहार मनाए जाते है. जिसमे पोंगल को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. ये त्यौहार सम्पूर्ण तमिलनाडु वासियों द्वारा बड़ी शान के साथ मनाया जाता है. इस त्यौहार को मकर सक्रांति भी कहते है.

ये उत्सव किसानो की फसल पकने के बाद लगातार चार दिन तक मनाया जाता है. इस त्यौहार की पहले दिन को भोगी पोंगल कहा जाता है. इस दिन तमिलवासी नए साल की शुरुआत करते है.

पोंगल उत्सव का दूसरा दिन सूर्य पोंगल होता है. इस दिन लोग बीते हुए समय को निकालकर नए साल से नई योजना बनाते है. और पुराने कर्मो को भूल जाते है. नए वस्त्र धारण करते है.

इस त्यौहार का तीसरा दिन मट्टू पोंगल होता है. ये दिन पशुओ को समर्पित है. इस दिन सभी पशुओ को सम्मान दिया जाता है. तथा खेती करने में साथ देने पर आभार ज्ञापित किया जाता है. इस दिन बैलो की लड़ाई की जाती है.

तमिलनाडु में 87.58% लोग हिन्दू, 6.12% इसाई,5.86% मुस्लिम, 0.12% जैन, 0.02 सिक्ख तथा 0.01% बौध धर्म के लोग रहते है. पर यहाँ अनेक धर्म होने पर भी सभी एकता की सन्देश देते है.

यहाँ के सभी धर्मो के अलग अलग त्यौहार है, तथा सभी अपने अपने त्योहारों को आजादी के साथ साथ बड़ी धूमधाम से मनाते है. तमिलनाडु के कुछ त्यौहार निम्न है-

  • दीपावली
  • आयुध पूजा
  • होली
  • पोंगल
  • सरस्वती पूजा
  •  कृष्ण जयंती
  • विनायक चतुर्थी
  • ईद उल फ़ित्र
  • बकरी ईद
  • मिलादुन्नबी
  • मुहर्रम
  • क्रिसमस
  • गुड फ्राइडे
  • ईस्टर सन्डे

तमिलनाडु राज्य में 12 वर्ष की अवधि के कुम्भ का मैला भी भरता है. जहा इस राज्य के सभी लोग इकट्ठे होते है. तथा इस महोत्सव को मनाते है. इसे दक्षिण भारत का कुम्भमेला कहा जाता है.


तमिलनाडु राज्य की नदिया – Nadia of Tamil Nadu state
तमिलनाडु राज्य में अनेक नदिया है. जो अपने जल से इस राज्य की प्यास बुझाती है. यहाँ अनेक नदिया है, जो अपना पावन चीर प्रदान करती है.यहाँ की नदियों में प्रमुख निम्नलिखित है-

  • कावेरी
  • वैगई
  • पलर
  • नोय्यल
  • चेय्यर नदी
  • थामिराबरानी
  • कोलेरून नदी
  • कोल्लिटम

तमिलनाडु के प्रमुख मंदिर
तमिलनाडु में अनेक मंदिर है. जो काफी भव्य और सुंदर शिल्पकलाओ से बनाए गए है. इस मंदिरों के दर्शन से ही मन को शांति मिल जाती है. यहाँ मंदिर को भगवान माना जाता है.

तमिलनाडु में सर्वाधिक हिन्दू धर्म एक लोग रहते है, जो भगवान में आस्था रखते है. और यहाँ के मंदिरों में भीड़ छाई रहती है. तमिलनाडु के प्रमुख मंदिर निम्नलिखित है-

  1. कपालेश्वर मंदिर
  2. रामनाथस्वामी मंदिर
  3. बृहदेश्वर मंदिर
  4. मीनाक्षी मंदिर
  5. कुमारी अम्मन मंदिर
  6. नागनाथस्वामी मंदिर
  7. महाबलीपुरम शोर मंदिर
  8. रामास्वामी मंदिर
  9. नटराज मंदिर
  10. एकम्बरेश्वर मंदिर

परिवहन 
तमिलनाडु राज्य में परिवहन की व्यवस्था काफी बेहतर है. यहाँ सड़को की लम्बाई 111040 किलोमीटर है. जहा वाहनों के लिए परिवहन आसन हो जाता है.इस राज्य में 40 हजार किमी तक राजमार्ग भी है.

इस राज्य में सड़को के साथ साथ रेल लाइन में भी काफी विकास हुआ है. इस राज्य में 5900 किमी तक रेलवे सड़क बनी है. जिस कारण यहाँ यात्रा करना आसान हो जाता है. 

तमिलनाडु में तीन अन्तर्राष्ट्रीय हवाई हड्डे भी है. जिसमे चेन्नई में स्थित है. हवाई हड्डा भारत का चौथा बड़ा तथा सबसे व्यवस्त हवाई हड्डा है. तमिलनाडु के अन्तर्राष्ट्रीय हवाई हड्डे चेन्नई,अड्डे तिरुचिरापल्ली तथा कोयमबटूर में स्थित है.

तमिलनाडु राज्य के राष्ट्रीयमार्ग
तमिलनाडु राज्य में कुल 25 राष्ट्रीय मार्ग है. जिसमे 12 राजमार्ग राज्य में स्थित है. तथा अन्य सीमओं पर स्थित है. इस राज्य के सात प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग है.

  1. चेन्नई
  2. विल्लुपुरम
  3. मदुराई
  4. सालेम
  5. तिरुचिरापल्ली
  6. कोइम्बतोर
  7. तिरुनेलवेली
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