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दशहरा पर छोटा निबंध Short Essay on Dussehra in Hindi

Short Essay on Dussehra in Hindi दोस्तों आप सभी को दशहरे की हार्दिक बधाईयाँ एंव शुभकामनाएं. आज हम दशहरा पर छोटा बड़े निबंधअलग-अलग शब्द सीमा के आपके साथ साझा कर रहे हैं कक्षा 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10 के स्टूडेंट्स इसे दशहरा निबंध के रूप में पढ़ सकते है. 

Short Essay on Dussehra in Hindi

Short Essay on Dussehra in Hindi दशहरा पर छोटा निबंध


दशहरा निबंध- भारत में दशहरा या विजयादशमी एक महत्वपूर्ण पर्व माना जाता हैं. भारत की संस्कृति व परम्परा से जुड़ा यह पर्व वीरता के पूजन एवं शौर्य के पराक्रम का दिवस भी हैं.

आश्विन महीने की शुक्ल दसमीं तिथि को आयुध पूजा का पर्व हिन्दुओं द्वारा मनाया जाता हैं. हिन्दुओं में वीरता का प्रतीक यह पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता हैं.

यह पर असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक हैं. कहते हैं कि अयोध्यानरेश राजा राम ने इसी दिन असत्य अनाचारी रावण का वध कर उस पर विजय प्राप्त की थी.

इस तरह यह असत्य पर सत्य, अन्धकार पर प्रकाश तथा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक पर्व हैं. दशहरा के दिन लोग नया कार्य शुरू करते है तथा इस दिन अस्त्र शस्त्र तथा वाहनों की पूजा करने की परम्परा हैं.

दशहरा के सम्बन्ध में कई ऐतिहासिक प्रसंग पढ़ने को मिलते हैं. कहा जाता है पुराने जमाने में राजाओं द्वारा इसी दिन शस्त्रों की पूजा करके युद्ध के लिए प्रस्थान किया जाता था.

यह पर्व काम, क्रोध, लोभ, मोह मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और चोरी इन दस पापों को त्याग देने की प्रेरणा देता हैं.

बताते है कि दशहरा शब्द की उत्पत्ति दश और अहन से हुई हैं. इस त्यौहार के प्रचलन के सम्बन्ध में कई मान्यताएं बताई जाती हैं.

कुछ लोग इसे कृषि उत्सव भी मानते हैं. दशहरे के अवसर पर कृषक अपने अनाज को घर लाता हैं तथा अपने आराध्य का पूजन कर प्रसन्नता जाहिर करता हैं. वही यह भी माना जाता है कि यह क्षत्रियों का पर्व है.

दशहरा पर निबंध 2021 Essay On Dussehra For Kids In Hindi

दशहरा पर निबंध 2021 Essay On Dussehra For Kids In Hindi
भारत अपनी संस्कृति परम्परा त्योहारों के लिए प्रसिद्ध है. भारत त्योहारों का देश हैं. भारत में समय समय पर त्योहार मनाए जाते है इसलिए इसे त्योहारों का देश भी कहते हैं.

जहाँ पर हर त्योहार उत्साह के साथ मनाया जाता हैं. जिसमें से एक दशहरा है दशहरे को विजयादशमी के नाम से भी जानते हैं. यह हिन्दुओं द्वारा बहुत हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता हैं. यह एक धार्मिक त्योहार हैं.

बंगाल में इसे दुर्गापूजा के नाम से जाना जाता हैं. दशहरा सत्य एवं धर्म की विजय का प्रतीक पर्व हैं. दसहरा आश्विन शुक्ल पक्ष के दसवें दिन बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता हैं. दशहरे की रात्रि को बड़े सामुदायिक स्थलों पर कार्यक्रम एवं मेलों का आयोजन होता हैं.

सबसे पवित्र हिन्दू ग्रंथ रामायण में उल्लेखित है कि एक शक्तिशाली यौद्धा रावण को मारने के लिए राम ने माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पवित्र मन से प्रार्थना की थी. और दसवें दिन रावण का वध कर दिया.

आज भी लोग इस अवसर पर रावण के पुतले को जलाते हैं, इस अवसर पर लोग नौ दिनों तक व्रत रखते है और नौ दिन देवी माता दुर्गा के अलग अलग नौ रूपों की पूजा की जाती हैं.

हर जगह रौशनी रहती हैं. पूरी रात लोग रामलीला, मेला, गरबा आदि देखते हैं और कार्यक्रमों का लोग बड़े ही भक्ति भाव से आनन्द प्राप्त करते हैं.

देवी दुर्गा के नौ दिनों को नवरात्रि कहा जाता हैं. दसवें दिन दशहरा होता है. यह बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है दसमी तिथि दशहरे का अंतिम दिन होता है जिसे विजयादशमी के रूप में मनाते हैं. रावण ने जब सीता का हरण कर लिया तो राम ने उससे युद्ध करने का निश्चय किया.

यह युद्ध लगभग नौ दिनों तक चला. दसवें दिन राम ने रावण का वध कर दिया. इसी अवसर पर लोग विजयादशमी मनाते हैं.

क्योंकि इसीदिन राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी और सभी को संदेश दिया कि पाप चाहे कितना भी बड़ा हो उसका अंत निश्चय ही होता हैं. इसी कारण हमें कभी असत्य और अधर्म का साथ नहीं देना चाहिए.

दशहरा पर निबंध Essay on Dussehra in Hindi

दशहरा पर निबंध Essay on Dussehra in Hindi
भारत एक ऐसा देश है जैसे त्योहारों का देश भी कहते हैं  इस देश में  एक से बढ़कर एक त्योहार मनाए जाते हैं  सभी धर्मों के  अलग-अलग त्योहार मनाए जाते हैं। 

दशहरा हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है दशहरा हर साल दीपावली से 15 दिन पहले आता है। दशहरे का इंतजार लंबे समय से रहता है यह उत्सव बहुत ही महत्वपूर्ण होता है.

इस उत्सव का आनंद लेने के लिए विद्यालयों में भी अवकाश रखा जाता है। दशहरे को बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक मानते हैं.

दशहरा शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है जिसमें दश और हरा है जिनका शाब्दिक अर्थ दश सिर वाले की हार यानी नहीं राजा रावण की हार का प्रतीक है।

इस त्योहार के अवसर पर हिंदू धर्म के लोग रावण के विशाल पुतले को जलाते हैं.और इस त्योहार को मनाते हैं। इस त्यौहार से कई कथाएं प्रचलित हैं पर एक जो हार को मनाने का प्रमुख कारण भगवान राम की रावण पर विजय ही है.

इसी दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था. इसीलिए इस दिन के बाद से हिंदू धर्म के लोग इस दिन को दशहरे के रूप में मनाते हैं।

माना जाता है. कि भगवान राम ने माता दुर्गा को परेशान करने के लिए लगातार 10 दिन तक उपवास रखा और रावण से युद्ध किया.

दसवे दिन जब भगवान राम और रावण का युद्ध हुआ तो माता दुर्गा ने प्रसन्न होकर भगवान राम को आशीर्वाद दिया और भगवान राम ने इस युद्ध को जीता और जीतकर माता दुर्गा की पूजा अर्चना की।  

इसके बाद हर साल हम इस दिन को दशहरे के रूप में मनाते हैं और 9 दिन का उपवास रखने के बाद दसवे दिन माता दुर्गा की पूजा अर्चना करते हैं और भगवान राम का अनुसरण करते हैं। ऐसे दिन रामलीला का विशाल मेला भी भरा जाता है.

इस विशाल मेले के लोग रावण के पुतले को जलाते हैं और अपनी प्रस्तुति देते हैं कई प्रकार के कार्यक्रम करते हैं कई लोग भगवान राम बनते हैं और रावण का वध करते हैं। इस प्रकार इस त्यौहार को बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता है।

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