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जीन थेरेपी या जीन चिकित्सा gene therapy in hindi

जीन थेरेपी या जीन चिकित्सा gene therapy in hindi: जीन थेरेपी या चिकित्सा अनुवांशिकी अभियांत्रिकी तथा प्रत्यारोपण पर आधारित है जिसके अंतर्गत विकृत जिनकी पहचान की जाती है तथा उसे स्वस्थ जीन के द्वारा प्रतिस्थापित किया जाता है जिससे और असाध्य तथा अनुवांशिक बीमारियों का इलाज किया जा सके उदाहरण के लिए हिमोफीलिया वर्णांधता कैंसर जैसे रोग
जीन थेरेपी या जीन चिकित्सा gene therapy in hindi
जीन उपचार में में तीन प्रकार की विधियों का उपयोग किया जाता है
1. जीन प्रतिस्थापन के अंतर्गत विकृत जीन की पहचान कर उसे दोषमुक्त जीन से प्रतिस्थापित कर दिया जाता है
2. जीन सुधार के तहत जीन में पाए जाने वाले आणविक विकारों को दूर करने का प्रयास किया जाता है
3. जीन आॅग्यूमन्टेशन  के द्वारा दोष युक्त जीन के साथ ही दोषमुक्त जीन को स्थापित कर दिया जाता है ताकि यह दोषमुक्त जीन स्वतंत्र रूप से कार्य करते हुए दोष युक्त जीन की विकृतियों को दूर कर सके

जीन थेरेपी दो प्रकार की होती है

1. सोमेटिक कोशिका जीन चिकित्सा के अंतर्गत दोष युक्त जीन की पहचान की जाती है तथा यह भी पता लगाया जाता है कि कौन से जीन के द्वारा कौन से प्रोटीन का निर्माण नहीं हो रहा है꫰ इसके बाद जिस प्रोटीन का निर्माण नहीं हो रहा है उसे बाहरी स्रोतों के माध्यम से उपलब्ध करवाया जाता है किंतु हमारे शरीर को हर समय प्रोटीन की आवश्यकता होती है जिसको हर समय उपलब्ध करवाना संभव नहीं है इसलिए इस तकनीक का उपयोग सीमित हो जाता है इसके अलावा इसका प्रभाव व्यक्ति तक ही सीमित हो जाता है अगली पीढ़ी तक नहीं जा सकता

2. जर्म सेल लाइन जीन चिकित्सा

इस तकनीक के द्वारा जीन के स्तर पर जा कर उपचार किया जाता है सबसे पहले विकृत जीन की पहचान की जाती है उसके बाद स्वस्थ जीन के द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया जाता है जिससे कई प्रकार की अनुवांशिक बीमारियों का इलाज संभव है

इस विधि के अंतर्गत शुक्राणुओं तथा अंडाणु में सक्रिय जीन को डाल दिया जाता है जिससे परिवर्तन अनुवांशिक होंगे तथा इसका प्रभाव आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ेगा अर्थात अनुवांशिक बीमारियों से भी निजात मिल सकता है

इसके द्वारा अनुवांशिक विकारों को भी दूर किया जा सकता है परंतु कई प्रकार के नैतिक तथा तकनीकी मुद्दे हैं जिनके कारण मानव पर इस तकनीक का प्रयोग फिलहाल प्रतिबंधित है आने वाले समय में नैतिक दायरे में रहते हुए या तकनीकी सुदृढ़ता या उच्च तकनीकी की माध्यम से इसका प्रयोग मानव के लिए भी किए जाने की संभावना है फिलहाल इस तकनीक का उपयोग चिकित्सा के क्षेत्र में इसके परीक्षण की अनुमति दी गई है

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