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महात्मा गांधी पर निबंध Essay On Mahatma Gandhi In Hindi

महात्मा गांधी पर निबंध  Essay On Mahatma Gandhi In Hindi

हमारे देश के राष्ट्रपिता आदर्शवाद व्यक्ति बापू के नाम से विख्यात महात्मा गांधी पर आज का हमारा निबंध है। महात्मा गांधी को श्रेष्ठ समाज सुधारक भी माना जाता है। गांधी जी ने अपने संपूर्ण जीवन में समाज सुधार बढ़ावा दिया तथा शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।


राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्म गुजरात के पोरबंदर 1869 को हुआ था। महात्मा गांधी के पिता का नाम करमचंद गांधी तथा माता का नाम पुतलीबाई था|गांधी जी के पिताजी राजकोट के दीवान थे। पर महात्मा गांधी पर उनकी माता का गहरा असर पड़ा महात्मा गांधी की माता हर समय पूजा-अर्चना करती रहती थी अपनी माता की इस भक्ति से गांधी जी का भी प्रभावित हुए और इस संसार में सत्य और असत्य हिंसा-हिंसा धर्म-अधर्म आदि के बारे में समझने लगे  इस प्रकार महात्मा गांधी का बचपन व्यतीत हुआ।


महात्मा गांधी ने अपने आरंभिक शिक्षा अपने गांव पोरबंदर से ही की फिर महात्मा गांधी के पिताजी को देवान घोषित करते हुए राजकोट जाना पड़ा उनके पिताजी के साथ महात्मा गांधी का पूरा परिवार वहां राजकोट चला गया महात्मा गांधी शिक्षा से श्रेष्ठ विद्यार्थी नहीं थे पर वे अपने अनुशासन ईमानदारी और सत्य भावना से सभी को प्रभावित करते थे। 


महात्मा गांधी अन्य विद्यार्थियों से काफी भिन्न थे महात्मा गांधी का मानना था कि वे अपनी ईमानदारी को बरकरार रखेंगे चाहे वह परीक्षा में फेल क्यों ना हो जाए वे अपने नामांकन बढ़ाने के लिए कभी भी नकल नहीं करते थे जो याद होता था वही लिख देते थे इस प्रकार गांधी ने  अपने विद्यार्थी जीवन में सभी को प्रभावित किया। 


महात्मा गांधी ने अपनी मैट्रिक शिक्षा  1886 में राजकोट से  पूर्ण की  और इसके बाद भावनगर में स्थित कॉलेज में दाखिला लेने के लिए गए पर कुछ ही दिनों वापस पोरबंदर लौट गए। अपनी वकालत की शिक्षा गांधी ने लंदन से की थी। महात्मा गांधी ने अपने संपूर्ण जीवन में शिक्षा को बहुत ही महत्व दिया उनका मानना था कि हमारे देश में समाज सरकार के अधीन है  सभी को शिक्षा ग्रहण करने के लिए बढ़ावा दिया।

 

महात्मा गांधी ने कहा कि मेरे जीवन के कुछ सपने हैं कि हमारा देश शिक्षित हो सदा कुछ सिद्धांत बनाई जाए और इस पर हमारे देश में ध्यान देते हुए महात्मा गांधी के कई के दांत बनाए हैं जो  उनके सपने थे उन्हें पूरे करने का प्रयास किया गया है. 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाए इसके लिए भारत सरकार बाल शिक्षा को बढ़ावा दे रही


हमारे देश में सभी नागरिकों को मातृभाषा की शिक्षा मिले देश के लिए हमारे देश में काफी नियम बनाए गए हैं पर कोई ठोस नियम नहीं है कि हमारे देश का नागरिक हिंदी की शिक्षा प्राप्त कर सकता है पर हिंदी दिवस जैसे वार्षिक उत्सव मना कर मातृभाषा की शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।


बालकों को मानवीय गुण की शिक्षा देना। आज हमारे देश में कक्षा 1 से लेकर 5 तक के बालकों को शिक्षा से ज्यादा मानवीय गुणों को सिखाया जाता|


केवल साक्षरता को शिक्षा नहीं माना जा सकता। शिक्षा दिलाने का केवल यही उद्देश्य नहीं है कि साक्षरता को बढ़ावा दिया जाए शिक्षा का उद्देश्य यह है कि हर व्यक्ति शिक्षित होकर कुछ करने लायक बने और आत्मनिर्भर बन सके।


राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को सर्वप्रथम राष्ट्रपिता के नाम से महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस ने संबोधित किया था। गांधी को सर्वप्रथम महात्मा गांधी रविंद्र नाथ टैगोर ने कहा था। महात्मा गांधी राष्ट्रपिता के साथ साथ इन्हें बापू के नाम से भी जानते हैं इन्हें सर्वप्रथम बापू बिहार के किसानों के खिलाफ हो रहे अत्याचार को रोकने के लिए किए जा रहे आंदोलन में सहयोग किया इसी दिन से इन्हें बाबू के नाम से जाना जाता है।


महात्मा गाँधी के नेतृत्व मे किये गये आंदोलन

हमारे देश के महान क्रांतिकारी आंदोलन मैं सबसे प्रमुख नाम महात्मा गांधी का आता है महात्मा गांधी ने हमारे देश में अनेक आंदोलन चलाकर देश के नागरिकों को जागरूक किया जिसमें कुछ प्रमुख आंदोलन यहां दिए गए हैं।

 असहयोग आंदोलन

असहयोग आंदोलन का नेतृत्व महात्मा गांधी तथा राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी ने किया था इस आंदोलन की शुरुआत सितंबर 1920 से हुई तथा यह आंदोलन फरवरी  1922 तक चला इस आंदोलन का प्रमुख कारण 13 अप्रैल 1919 को हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड था। इस आंदोलन की शुरुआत गोरखपुर गांव से हुई थी। पर कुछ समय बाद आंदोलन को वापस ले लिया गया असहयोग आंदोलन वापस लेने का प्रमुख कारण यह था कि गांधीजी का मानना था कि चोरा चोरी घटना कम होने के कारण उन्होंने इस आंदोलन को रोक दिया था।

 नमक सत्याग्रह

 नमक सत्याग्रह नमक आंदोलन किसानों द्वारा  चलाया गया था और यह आंदोलन अंग्रेज सरकार के विरुद्ध था इस अभियान की शुरुआत साबरमती आश्रम से 12 मार्च 1930 को हुई ऐसे आंदोलन का प्रमुख कारण एकाधिकार के खिलाफ था इस आंदोलन का नेतृत्व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कर रहे थे।

 दलित आंदोलन

दलित में लोग होते हैं जिनके साथ छुआछूतऔर आर्थिक व सामाजिक भेदभाव किया जाता है दलित लोगों के प्रति हो रहे भेदभाव को कम करने के लिए तथा उनके आत्मसम्मान को बढ़ाने के  लिए इस अभियान को चलाएं गया था। यह आंदोलन गांधी जी के प्रमुख आंदोलनों में से एक है।

 भारत छोड़ो आंदोलन

अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की इस आंदोलन में उनका प्रमुख उद्देश्य था कि अंग्रेजों को देश से भगाया जाए इस समय करो या मरो की स्थिति बनी हुई थी 9 अगस्त 1942 को आखिरकार इस अभियान की शुरुआत की इस आंदोलन  और अंग्रेजों को देश से भागने की स्थिति बना दी इस आंदोलन के बाद अंग्रेज सरकार ने जवाहर लाल नेहरू और उनके कई साथियों को जेल में बंद भी किया इस आंदोलन में महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो नामक नारा दिया था।

चंपारण सत्याग्रह आंदोलन

 चंपारण सत्याग्रह नमक आंदोलन बिहार के चंपारण गांव से शुरू हुआ था इसी कारण इस अभियान को चंपारण सत्याग्रह के नाम से जाना जाता है इस अभियान का नेतृत्व महात्मा गांधी कर रहे थे इस आंदोलन में महात्मा गांधी को "महात्मा" की उपाधि मिली थी।



महात्मा गांधी पर निबंध Mahatma Gandhi Essay in Hindi

देश के राष्ट्रपिता,बापू तथा महत्मा गाँधी नाम से मसहूर गाँधी जी का पूरा नाम मोहनदास करमचन्द गाँधी था. इनका जन्म गुजरात राज्य के पोरबंदर गाँव में 2 अक्टूबर 1869 को हुआ था. इनके पिता का करमचंद गाँधी था. जो कि राजोकोट के प्रसिद्ध दीवान थे. तथा महत्मा गाँधी की माता का नाम पुतलीबाई था. जो कि गृहणी थी. तथा वे हर समय भगवान की भक्ति करती थी. वे भगवान  के प्रति प्रेम-भाव रखती थी.


हमारे देश के स्वतंत्रता आंदोलनों करने वाले व्यक्तियों में सबसे श्रेष्ठ महत्मा गाँधी को माना जाता है. गांधीजी ने अपने जीवन में अनेक आंदोलनों का नेतृत्व किया तथा अंग्रेजो को देश से भगाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसलिए तो इन्हें राष्ट्रपिता कहते है. राष्ट्रपिता की उपाधि गांधीजी को सुभाष चन्द्र बोस ने दी थी.


गाँधी जी ने अपनी मैट्रिक तक की शिक्षा राजकोट में ही प्राप्त की फिर वे आगे की शिक्षा ग्रहण करने के लिए इंग्लैण्ड चले गए. इंग्लैण्ड से शिक्षा प्रदान कर गांधीजी ने वकील के रूप में कार्यरत रहे. फिर इन्होने मुंबई में वकील के रूप में कार्य को शुरू किया.


महत्मा गाँधी शान्त स्वभाव के थे. उन्होंने अपनी पराक्रम से पुरे विश्व को प्रभावित किया. गाँधी जी का एक करीबी दोस्त अफ्रीका में निवास करता था. गाँधी जी के उस दोस्त ने गाँधी जी को अफ्रीका आने के लिए बुलावा भेजा गांधीजी वहा गए. और इसके बाद से गाँधी का अपना राजनैतिक जीवन जी शुरुआत हुई. अफ्रीका में गाँधी जी ने परस्थितियो को देखकर इसे अपने देश में लागु करने का निश्चय किया.


गाँधी जी के बारे में महत्वपूर्ण बाते 

  • गाँधी एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे. जिन्हें 5 बार शांति पुरस्कार के लिए चयन किया गया. पर उन्हें ये पुरस्कार एक बार भी नहीं मिला. 
  • गांधीजी ने अपने सम्पूर्ण जीवन में अंग्रेजो से संघर्ष किया और गाँधी जी की मृत्यु के उसी अंग्रेजी सरकार 21 साल बाद गांधीजी के नाम पर डाक टिकट जारी की. गांधीजी एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे. जिनके नाम पर अंग्रेजी सरकार ने डाक-टिकट जारी की.
  • अफ्रीका में महात्मा गाँधी ने 3 फुटबाल कल्ब स्थापित किये.
  • महात्मा गाँधी जी का चरखा आज आत्मनिर्भरता का प्रतिक माना जाता है.
  • महत्मा गाँधी जी भारतीय सविंधान सभा में शामिल नहीं थे.
  • गाँधी जी अपने जीवन में हर रोज 18 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते थे.
  • गाँधी जी को याद रखने के लिए उनके नाम पर भारत में 53 तथा अन्य देशो में 48 सडको का निर्माण किया गया है.
  • गाँधी जी ने अपने सम्पूर्ण जीवन में देश को आजद कराने के लिए संघर्ष किया पर जिस दिन भारत आजद हुआ. उस रात महत्मा गाँधी स्वतंत्रता सेनानियों के साथ मौजूद नहीं थे.
  • गाँधी जी ने अपने जीवन में कभी-भी कोई राजनेता का पद ग्रहण नहीं किया.

महात्मा गाँधी के नारे 
  • भारत छोडो 
  • करो या मरो
  • भगवन का कोई धर्म नहीं होता है.
  • जहाँ पवित्रता होगी वहा निर्भयता का वास होगा.
  • श्रद्धा का ही आत्मविश्वास है और आत्मविश्वास में ही भगवान होते है..
  • शान्ति से कुछ भी संभव है.
  • मनुष्य का वास्तविक सोन्दर्य उसकी ह्रदय की पवित्रता में होता है.
  • खुद आत्मनिर्भर बने जो कार्य खुद कर सकते है.उसके लिए किसी का अधीन नहीं बनाना चाहिए.
  • जब तक गलती करने की आजादी न हो तब तक स्वतंत्रता का कोई महत्व नहीं होता है.

महत्मा गाँधी के प्रसिद्ध कथन 
  • डर जैसा कोई रोग नहीं ये तन को नहीं मन को मरता है.
  • हर व्यक्ति कुछ-न कुछ सिखाता है पर जरुरी नहीं है कि सभी का तरीका एक ही हो.
  • मेरे विचारो की स्वतंत्रता चाहता हूँ.
  • मनुष्य को हर भूल से कुछ-न कुछ सिखने को मिलता है.इसलिए भूल भी जरुरी है.
  • यदि मनुष्य सिखाना चाहे तो उसके लिए भूल ही काफी है.
  • जिज्ञासा बिन ज्ञान नहीं बिन दुःख सुख नहीं.
  • अहिंसा एक ऐसा धर्म है जो कभी नहीं बदलता है.

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