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जनसंख्या पर निबंध | Essay on Population in Hindi

जनसंख्या पर निबंध | Essay on Population in Hindi- किसी भी देश में लोगो की संख्या या आंकड़ा जनसख्या कहलाता है. हमारा देश जनसँख्या के मामले में चीन के बाद दुसरे स्थान पर आता है. आज के आर्टिकल में हम जनसख्या के बारे में विस्तार से जानने का प्रयास करेंगे.

जनसंख्या पर निबंध | Essay on Population in Hindi

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हमारे देश की जनसख्या लगातर बढती जा रही है. जनसख्या किसी देश में लोगो की संख्या ही जनसख्या कहलाती है. हमारे देश में 132 करोड़ जनसख्या है. तथा विश्व में भारत दूसरा सबसे अधिक जनसख्या वाला देश है.

आज के समय में जनसख्या की वृदि बहुत तेजी से हो रही है. जिस कारण इसे कम करना जरुरी बन गया है. इसलिए अनेक देश परिवार नियोजन जैसी धरनाओ का पालन कर रहे है.

पिछले कुछ सालो में भारत में ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण विश्व में जनसख्या में एक लम्बा चढाव देखने को मिला है. बढती जनसख्या कई समस्या पैदा कर सकती है. इसलिए इस गति को कम करना आवश्यक है.

बढती जनसख्या अपनी मांगो को पूरा करने के लिए पर्यावरण को हानि पहुंचा रही है. तथा अत्यधिक जनसख्या पर काबू पाना भी बड़ी बात होती है. अधिक जनसख्या के कारण गरीबी तथा बेरोजगारी जैसी समस्याए जन्म ले रही है.

आज के समय में बढ़ राइ जनसख्या को नियंत्रण में करने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है. जिसमे सरकार को कई नियम बनाने की जरुरत है. क्योकि कई मायनों में देखा जाए तो जनसख्या बहुत ही घातक साबित हो रही है.

वर्तमान समय में देखा जाए तो प्राकृतिक संसाधन घटते जा रहे है. तथा इनका दोहन किया जा रहा है. आज जनसख्या की अधिकता के कारण हमें हर वस्तु का लाभ नहीं मिल पाता है. जिस कारण हम वंचित रह जाते है.

भारत में जनसंख्या की समस्या

हमारे देश में जनसख्या का तेजी से बढ़ना एक बड़ी समस्या बन चुकी है. कई देश आज भी अपनी जनसख्या को बढाने के प्रयास में लगे हुए है. पर भारत की जनसख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है. इसे नियंत्रण करना जरुरी है.

देश की जनसख्या १२० करोड़ को भी पार कर चुकी है. तथा चाइना के बाद विश्व की सबसे अधिक जनसख्या वाला देश भारत है. पर भारत के लोग विश्व की कुल आबादी का १७ प्रतिशत है, जो मात्र ४ प्रतिशत भाग में रहते है. जिस कारण रहने को जगह ही नहीं बची है.

आज बढती जनसख्या से बेरोजगारी भी बढ़ रही है. तथा अधिक जनसख्या के लिए सभी संसाधन उपलब्ध नहीं हो पाते है. जिस कारण उन्हें समस्या का सामना करना पड़ता है. कई लोग आज भुखमरी से अपनी जान गँवा रहे है.

अधिक जनसख्या से उत्पन्न होने वाली समस्याओ का समाधान जनसख्या को नियत्रित करके ही किया जा सकता है. जिसके लिए सरकार पिछले कई सालो से कार्य कर रही है. जिसमे परिवार नियोजन योजना को भी अपनाया जा रहा है.

अधिक जनसख्या देश के विकास में बाधा बन रही है. तथा सभी को आवश्यक सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई जा सकती है. इसलिए हमें जनसख्या नियत्रण की ओर ध्यान देना होगा तथा हम दो हमारे दो पद्दति को अपनाना होगा.

भारत सरकार के प्रयास

देश की सरकार ने बाल विवाह पर रोक लगाकर लडको की आयु २१ वर्ष तथा लड़की की आयु को १८ वर्ष कर दिया है. इससे कम आयु के विवाह को गैरकानूनी माना जाएगा. 

भारत के गरीब तथा अनपढ़ लोग आज भी बाल विवाह की संख्या को तेजी से बढ़ा रहे है. परिवार नियोजन योजना के माध्यम से सभी भारतीय नागरिको को आवगत करना कि बढती जनसख्या हमारे लिए खतरा है.

रुढ़िवादी परम्पराओ को छोड़कर देश में आज सभी को गोद लेने का अधिकार दिया गया है. देश के हर नागरिक तक शिक्षा को पहुँचाना. जिससे सभी शिक्षित होकर देश का सहयोग करेंगे.

जनसंख्या वृद्धि के मुख्य कारण

शिक्षा का अभाव

आज हमारे देश में कही न कही शिक्षा सभी नागरिको तक नहीं पहुँच पा रही है. शिक्षा की कमी लोगो के लिए समस्या बन रही है. जिससे लोग अनेक समस्याए पैदा करते है. जिसमे गरीबी तथा बेरोजगारी प्रमुख है. इसके साथ ही बाल विवाह, बाल तस्करी और गैरकानूनी कार्य एक व्यक्ति शिक्षा का अभाव होने के कारण करता है.

बढ़ती जन्म दरें

देश की १२० करोड़ जनसख्या आज जनसख्या बढाने में ही लगी हुई है. जिस कारण आज जन्म दर बहुत तेजी से बढ़ रही है. इससे बड़ी समस्याए पैदा हो सकती है. इसलिए जन्म दर को कम करना होगा.

शिशु मृत्यु दर में कमी

जन्म लेने वाले बच्चे पहले के समय में काफी की मृत्यु हो जाती थी, पर आज चिकित्सा व्यवस्था के माध्यम से शिशु को जीवत रखा जा सकता है. जिस कारण मृत्यु दर कम और जन्म दर बढ़ रही है. इसी कारण जसंख्या तेजी से बढ़ रही है.

जनसंख्या समस्या और समाधान

परिवार नियोजन- यह एक ऐसा प्रणाली है, जो देश की जनसख्या को नियंत्रित कर सकती है. इसके प्रति हम लोगो में जागरूकता फैलाकर देश की सबसे बड़ी समस्या जनसख्या को कम कर सकते है.

शिक्षा का प्रसार करना- आज हमें इस समस्या से लड़ने के लिए देश के नागरिको को शिक्षित बनाना होगा, एक शिक्षित व्यक्ति अपनी देश के प्रति जिम्मेदारी को समझता है.

तथा यदि हम देश की किसी भी योजना में सभी को जोड़ना चाहते है, तो इसका जरिया सभी को शिक्षा के माध्यम से जोड़ा जा सकता है. शिक्षा से ही व्यक्ति योजना के लाभ और इसके महत्व के बारे जानता है.

रुढ़िवादी मानसिकता को बदलना- देश में आज भी कई रुढ़िवादी समस्याए हमारे सामने पनप रही है. पहले के समय में एक महिला दस दस बच्चो को जन्म देती है. ओर आज भी लोग उसी परम्परा को फोलो करते है. तथा बच्चो को भगवान् के द्वारा दिया गया उपहार मानते है.

जागरूकता फैलाना- आज एक साथ सभी को शिक्षित नहीं बनाया जा सकता है. इसलिए हम सभी को योजना के माध्यम से तथा दूरसंचार अभियान के माध्यम से हम देश के सभी नागरिको को जनसख्या बढ़ने से होने वाले नुकसान तथा इससे सामने आने वाली समस्याओ के बारे में बताकर जनसख्या नियंत्रण के प्रति सभी को जागरूक करना होगा.

जनसंख्या वृद्धि से होने वाले दुष्परिणाम

बेरोजागारी- जनसख्या से अनेक दुष्परिणाम है. जिसमे बेरोजगारी एक प्रमुख परिणाम है. देश के सभी नागरिको रोजगार दे पाना संभव नहीं होता है. जिस कारण लोगो में बेरोजगारी की समस्या बढ़ जाती है.

गरीबी:- यदि देश में बेरोजगारी बढती है, जो नागरिक पैसा नहीं कमा पाएगा. जिस कारण लोगो में गरीबी अपने पैर पछार लेगी. बढती गरीबी लोगो के लिए खतरा बन जाएगी.

महंगाई:- अपने ही देश में जब उत्पाद की कमी हो जाती है, तो विदेशो से वस्तुओ का आयात किया जाता है. जिस कारण देश की महंगाई बढती है. जो बहुत बड़ी समस्या बन रही है.

एक तरह बेरोजगारी तथा गरीबी के कारण रोजगार का कोई साधन नहीं है. तथा दूसरी तरह महंगाई तेजी से बढ़ रही है. ये आज की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है.

प्रदूषण में वृद्धि:

आज अधिकतर लोगो का सपना अपना करियर बनाने से अधिक गाड़ी को खरीदना है. जिस कारण आज गाडियों को अधिक खरीद रहे है. जिससे प्रदुषण तेजी से बढ़ रहा है.

आज लोग अपनी सुविधा के लिए सार्वजानिक वाहनों का प्रयोग नहीं करते है. तथा अपने वाहन से यात्रा करते है. जिससे प्रदुषण बढ़ता है. प्रदूषण से लोगो के ऊपर गहरा प्रभाव पड़ता है.

संसाधनों की उपलब्धता

आज जनसख्या अधिक होने के कारण देश के हर नागरिक को अपनी आवश्यकता के अनुसार संसाधनों की प्राप्ति नहीं हो पाती है. इस प्रकार जनसख्या हमें प्रभावित करती है. संसाधनों की कमी से जीवन का कोई महत्व नहीं है.

पर्यावरण पर प्रभाव:

आज लोग अपने घरो के निर्माण में तथा रोजगार न होने के कारण पेड़ पौधों को काटकर अपना रोजगार प्राप्त करते है. जिस कारण प्रकृति को काफी नुकसान हो रहा है. प्रकृति की स्थिति को बिगड़ने में सभी मानवीय क्रियाओ का सबसे अधिक योगदान है.

वन्यजीवों की प्रजातियों में कमी:

आज देश के वनों को काटकर लोग उसे खेती करने के लिए स्थान्तरित करते है. जिससे वनों में रहने वाले वन्य जीवो का आवास उजड़ जाता है. जिससे उनकी संख्या कम हो रही है. 

तथा कई लोग शिकार को अधिक प्राथमिकता देते है. जिस कारण अधिकतर वन्य जीव लोगो के शिकार हो जाते है. जो कि एक बड़ी समस्या है.

बढती जनसख्या से कई समस्याए पैदा हो रही है. जो आने वाले समय में हमारे लिए बहुत बड़ा संकट साबित होने वाली है. इसलिए हमें एक जागरूक नागरिक बनकर देश की इस समस्या को ख़त्म करना है. इसके लिए  जनसख्या पर नियंत्रण करना होगा.

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