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योग पर निबंध Essay on Yoga in Hindi

योग पर निबंध- हमारे शरीर को नियंत्रित तथा रोगमुक्त बनाने के लिए योग आवश्यक है.नमस्कार आज के इस आर्टिकल में हम योग क्या है? योग शब्द की उत्पति कैसे हुई? योग आवश्यक क्यों? तथा योग पर निबंध के माध्यम से सम्पूर्ण जानकरी प्राप्त करेंगे.

योग पर निबंध Essay on Yoga in Hindi

योग पर निबंध  Essay on Yoga in Hindi
योग एक मानसिक अधययन है. जो व्यक्ति के मन और तन को राहत प्रदान करता है. योग मानव उपयोगी साधना है. जिसे प्राचीन समय से किया जा रहा है.

योग करना एक कला है. जो इस कला को जीवन में अपना लेता है. वह हमेशा स्वस्थ रहता है. योग को अपने दैनिक क्रियाकलाप में जोड़कर हम इसका लाभ ले सकते है.

जब प्राचीन समय में लोग चिंता से ग्रसित थे, तो उस समय लोगो को चिंता से मुक्त करने तथा निरोग बनाने के लिए प्राचीन ऋषियों द्वारा योग का अविष्कार किया गया था.

आधुनिक समय में बढ़ते प्रदुषण और पर्यावरण प्रदुषण के कारण हमारे शरीर पर इसका गहरा प्रभाव पड़ रहा है.स्वस्थ शरीर के लिए योग सबसे बड़ा संसाधन है.

महर्षि पतंजली को योग का जनक कहा जाता है. योग की अनेक परिभाषाए प्रस्तुत है. लेकिन सभी का अर्थ जोड़ना या एकता ही है. यानी मानसिक एकता के लिए योग सबसे महत्वपूर्ण है.

योग एक मानसिक अधययन है. जो व्यक्ति के मन और तन को राहत प्रदान करता है. योग मानव उपयोगी साधना है. जिसे प्राचीन समय से किया जा रहा है.

योग करना एक कला है. जो इस कला को जीवन में अपना लेता है. वह हमेशा स्वस्थ रहता है. 

Essay On Yoga In Hindi

जो व्यक्ति नियमित रूप से योग तथा अभ्यास करता है। उसका शरीर हर समय स्वस्थ तथा नियमित योग करने वाले व्यक्तियों के लिए योग एक बहुत ही अच्छा अभ्यास है। यह निरोगा रहता है।

योग हमारे जीवन मे हमारी कई तरीको से हमारी सहायता करता है। योग करने से हमारे शरीर के हर अंग का मनोरंजन हो जाता है। चाहे वो मस्तिक हो या भी आत्मा सभी पर योग नियंत्रण बनाए रखता है।

योग क्या है? what is yoga?

योग शब्द संस्कृत भाषा का शब्द है। जिसका अर्थ है। जोड़ना अनुशासन। हमारे दैनिक जीवन मे योग को सबसे बड़ा दर्जा दिया गया है। क्योकि योग एकमात्र ऐसा साधन है।

जिससे हमारे शरीर तथा मस्तिष्क का संतुलन बनाए रखते है। योग को हम व्यायाम भी कह सकते है।

योग हमारे पूर्वज भी किया करते थे। योग का आविष्कार भारत मे ही हुआ था। हमारे देश के वैज्ञानिको ने योग कई प्रकार बताए थे।

जिसमे राज योग, जन योग, भक्ति योग, कर्म योग तथा हस्त योग आदि। हमारे देश मे किया जाने वाला योग हस्त योग है।

योग शब्द की उत्पति Origin of the word yoga

योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृत की यज् धातु से हुई है योग शब्द का अर्थ जोड़ना है। अर्थात आत्मा का शरीर से मिलन ही योग है। भारत के षडदर्शन में योग भी एक है।

युग का आरंभ 5000 ईसा पूर्व से माना जाता है। उस समय भारत में गुरुकुल परंपरा थी। जिसमें शिष्य गुरु के समीप रहकर ज्ञान अर्जित करता था.

और योग भी गुरु शिष्य परंपरा से आगे बढ़ा और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित हुआ पतंजलि में अपने ग्रंथ योगसूत्र में सर्वप्रथम योग दर्शन का वर्णन किया इसीलिए योग का प्रणेता पितामह तथा जनक पतंजलि को ही माना जाता है

जीवन में योग का महत्व

योग हमारे स्वास्थ्य के साथ साथ सकारात्मक सोच भी प्रदान करता है.योग से हमें उर्जा मिलती है.तथा साथ ही गन्दगी से भरे पर्यायवरण में खुद को शारीरिक तथा मानसिक रूप से स्वस्थ रखाजा सकता है.योग से हमारे जीवन की सभी क्रीडाओ को दूर किया जा सकता है.

योग से हमें एक सुखी तथा सरल जीवन जीने का अवसर मिलता है.हमारे जीवन में हर तरह से विकास के लिए योग महत्वपूर्ण संसाधन है.योग से मनोरंजन भी किया जा सकता है.तथा भटकते मन को शांति भी प्रदान की जा सकती है.

हमारे जीवन की सभी बढाओ को दूर करने में योग हमारा सहयोग करता है.योग से हर समस्या का समाधान किया जा सकता है.इसलिए योग को अपने जीवन में उतारे तथा सभी को नियमित योग के लिए प्रेरित करें.योग करने से हमारा मन संतुष्ट रहता है.

योग दिवस मानाने के पीछे अनेक फायदे होते है.जो कि निम्न है-
  • योग के प्रति जागरूकता का बढ़ावा
  • सभी को योग के बारे में जानकारी देना
  • योग दिवस से योग के प्रति सम्मान का बढ़ावा
  • योग दिवस के अवसर पर बड़े लोगो से मिलने का मौका
  • योग से निपुण लोगो से योग सीखने का अवसर

योग का स्वास्थ्य पर प्रभाव Effects Of Yoga On Health

योग करने से हमारे शरीर का प्रत्येक अंग प्रभावित होता है.योग से शारीरिक तथा मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है.जो नियमित योग करता है वह व्यक्ति हमेशा सकारात्मक सोच रखता है.तथा हमेशा खुश रहता है.योग से शरीर संतुलित रहता है.

कई लोग छोटे कद के ही रह जाते है.तो कोई मोटापे का शिकार हो जाता है.तो कोई हर समय बीमारियों को पलता है.उन सभी को नियमित योग करने की जरुरत है.योग से ही हर बीमारी का उपचार संभव है.

अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस International Yoga Day

सरकार ने योग की महता देखते हुए। भारत सरकार ने 21 जून 2015 को पहली बार योग दिवस के रूप मे मनाया गया था। जिसके बाद हर वर्ष 21 जून को अंतराष्ट्रीय योग दिवस के रूप मे मानते है।

योग दिवस को हम बड़ी धूम-धाम के साथ मानते है। योग करने से हमारी सारी बीमारिया दूर हो जाती है। योग हमारे जीवन अभिन्न हिस्सा है। योग करने से हमारी सोच हमेशा सकारात्मक रहती है। योग करने से हमारे शरीर मे शांति बनी रहती है।

आंतरिक शांति

योग हमारे शरीर में शांति बनाये रखने तथा हमारी समस्याओ का निवारण करने मे हमारी सहायता करता है। मे हर रोज योग करता हूँ।

मेरा मन शांत रहता है। योग करने से हमारा बनोबल बढ़ता है। तथा हम किसी भी कार्य को सफलता पूर्वक कर सकते है।

दैनिक जीवन में योग

योग प्रकृति द्वारा दिया गया। एक अनमोल उपहार है। योग करने से हमारा शरीर का प्रत्येक भाग सुरक्षित रहता है। योग करते समय श्वसन क्रिया सबसे मुख्य मानी जाती है।

योग हर रोज नियमित करना चाहिए। योग करने से हमारा शरीर निरोगा रहता है। योग करके हम अपने हर असंभव कार्य को आसानी से कर सकते है।

हमारे दैनिक जीवन मे योग को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। योग कराने के लिए भारत मे समय-समय पर कई कार्यक्रमो का आयोजन किया जाता है। सभी को योगा कराने के लिए प्रेरित किया जाता है।

योग आवश्यक क्यों? Why is yoga necessary?

वर्तमान में पूरा विश्व कोरोना जैसी खतरनाक महामारी की चपेट में हैं। इस समय में प्रत्येक व्यक्ति तथा परिवार भौतिक प्रतिस्पर्धा से ज्यादा अपने जीवन को महत्व देने में व्यस्त हैं। ऐसे समय में सबका ध्यान योग पर गया है। क्योंकि योग वह माध्यम हैं।

जिसके द्वारा न सिर्फ मानसिक शांति अर्थात कोरोना की वजह से नुकसान झेलने वाले प्रत्येक व्यक्ति योग द्वारा मानसिक शांति स्थिरता तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ा सकता है। हालांकि योग ने आज से 10 वर्ष पहले अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर ली है।

आधुनिक तकनीकी तथा वैज्ञानिक युग में मानव ने अभूतपूर्व प्रगति की है। परिणाम स्वरूप प्रत्येक कार्य अब मशीनों से होने लगे मनुष्य मशीनों पर पूर्ण रूप से निर्भर हो गया है। जिससे मानव अपने आप को असहज बीमार तनाव इत्यादि में उलझा हुआ पाता है।

विज्ञान तथा तकनीकी युग में मनुष्य की भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति तो सहज तथा सुगम तरीकों से की है।

पर आध्यात्मिक और शारीरिक व्याधियों तनाव का हल नहीं निकाल सका हालांकि चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे नवीन हो रहे नवीन शोधों से कई बीमारियों का इलाज संभव हुआ है।

कई बीमारियों तथा तनाव जैसे मामलों का समाधान करने के बाद भी आज का चिकित्सा विज्ञान व्यक्ति के मन की शांति लाने में आज भी असमर्थ है। ऐसे में योग का महत्व बढ़ जाता है कहा भी गया है। योगा कर्मसु कौशल म्योग

प्राचीन भारतीय संस्कृति की अनुपम अनोखी देन है। जिसे आज संपूर्ण विश्व स्वीकार करता है। वर्तमान में योग ने विश्व स्तर पर ख्याति अर्जित है। अनेक वैज्ञानिक शोधों ने यह साबित किया है। कि व्यक्ति के शारीरिक तथा मानसिक विकारों को दूर करने में योग उपयोगी है।

योग शास्त्र में योग पांच प्रकार के हैं। हट योग ध्यान योग कर्म योग भक्ति योग तथा ज्ञान योग इनका संबंध क्रमशः प्राण मन क्रिया भावना तथा बुद्धि से है।

पतंजलि ने योग की 8 अवस्थाओं का वर्णन अपने ग्रंथ योग सूत्र में किया है। जिसमें यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान तथा समाधि है। बौद्ध धर्म के पंचव्रत का पालन यम कहलाता है।
खुद को जानने तथा पवित्रता के साथ ईश्वर तथा सृष्टि का चिंतन नियम कहलाता है। आसन का अर्थ एक विशिष्ट मुद्रा से लिया जाता है। हालांकि पतंजलि ने 84 आसनों का वर्णन किया है।

प्राणायाम शब्द का अर्थ क्या है?

वायु को श्वास के रूप में लेना तथा छोड़ देनाज्ञान एकाग्रता की स्थिति है। जिसमें व्यक्ति अपनी आत्मा को इस प्रकार वशीभूत कर लेता है।

कि उसका मन स्थिर अवस्था में आ जाता है। योग की अंतिम अवस्था अथवा सर्वोच्च स्थिति समाधि की है। इस स्थिति में व्यक्ति स्वयं को ही भूल जाता है।

इस प्रकार योग के विभिन्न अंगों को देखा जाए तो स्पष्ट होता है कि योग का सीधा संबंध शरीर आत्मा तथा मन में एक ऐसे संतुलन को स्थापित करना है.

जो व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जावान तथा स्वस्थ बनाएं तनाव से मुक्त रखें और इनसे व्यक्ति का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।

मन की शांति के साथ साथ योग मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। लचीली बनाता है। हमारे रोग प्रतिरक्षी तंत्र को मजबूत बनाता है। पाचन तंत्र की विकृतियों को दूर करता है। तथा रक्त प्रवाह को संतुलित करने का कार्य भी करता है।

इसके अलावा योग का महत्व एकाग्रता को बढ़ाने तथा दिमाग को सकारात्मक सोचने के लिए मजबूर करता है। जिससे अध्ययन तथा अध्यापन जैसे कार्यों में योग का महत्व ओर भी बढ़ जाता है।

योग को प्रत्येक व्यक्ति कर सकता है। परंतु योग के लाभों की समुचित प्राप्ति के लिए योग्य प्रशिक्षक का होना अत्यंत आवश्यक है.

वर्तमान में योग ने बड़े बड़े उद्यमियों को अपनी ओर आकर्षित किया है। तथा रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवाए हैं। आज हर कोई व्यक्ति योग के माध्यम से रोजगार पानी की कोशिश करता है।

योग से एकाग्रता की ओर

योग हमारे जीवन मे हर समय अच्छी भावना हमारे सामने प्रकट करता है। योग को हम अनुशासित रूप से करने पर एकाग्रता के स्तर में सुधार देखने को मिलता है।

यह सामाजिक रूप से हमारी सहायता करता है। ये हमारे हर अंग को शांत बनाये रखने मे सहायक है। हमे योग कराने के लिए सभी को प्रेरित करना चाहिए।

योग के नियम
  • योग करते समय पसीना सोखने वाले कपडे पहने.
  • योग करने के तुरंत बाद स्नान न करे.
  • बिना भोजन किये योग करना चाहिए.
  • योग हमेशा हमारी शाररिक क्षमता के आधार पर ही करना चाहिए.
  • योग हमेशा करना चाहिए.
  • योग करते समय पानी नहीं पीना चाहिए.
  • यदि आप बीमार है, तो योग नहीं करना चाहिए.
उपसंहार
योग से हमे कई प्रकार के लाभ होते है। योग को हम चमत्कार भी कह सकते है। योग करने से हमे आत्मविश्वास मिलता है।

जिससे हम कठिन से कठिन कार्य को आसानी से पूरा कर सकते है। इसे हम उपहार भी कह सकते है। स्वस्थ्यपूर्ण जीवन जीने के लिए नियमित योग बहुत ही आवश्यक है।

हम उम्मीद करते है. कि आज का हमारा लेख योग पर निबंध Essay on Yoga in Hindi योग के बारे में सम्पूर्ण जानकारी आपको पसंद आई होगी. यदि अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें. हमारा लेख आपको कैसे लगा? अपनी राय दें.