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व्यायाम का महत्व निबंध Importance of Exercise Essay in Hindi

व्यायाम का महत्व निबंध Essay On Importance of Exercise in Hindi- व्यायाम एक ऐसा कार्य है, जो मानव को हमेशा स्वस्थ और तंदरुस्त बनाए रखता है. बेहतर स्वस्थ्य के लिए व्यायाम बहुत ही महत्वपूर्ण है. आज के आर्टिकल में हम व्यायाम के महत्व और इसके लाभ के बारे में विस्तार से जानेंगे.

व्यायाम का महत्व निबंध Importance of Exercise Essay in Hindi

व्यायाम का महत्व निबंध Importance of Exercise Essay in Hindi
व्यायाम हमारे स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण घटक है एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए व्यायाम का विशेष महत्व होता है. जिस प्रकार हमारे जीवन के लिए भोजन जल और वायु की जरूरत होती है उसी प्रकार व्यायाम की भी जरूरत होती है।

वर्तमान समय में मानव अपने स्वार्थों के लिए अपने शारीरिक हितों को भूल जाता है और व्यायाम और योगा जो नियमित रूप से व्यक्ति के लिए उपयोगी होते हैं उन्हें जीवन से बाहर कर देते हैं अर्थात बीमारियों के शिकार होते हैं।

किसी भी व्यक्ति के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्यायाम को माना जाता है जिसे नियमित रूप से किया जाए तो व्यक्ति हमेशा स्वस्थ रहता है कुछ अवधि के लिए या कुछ दिनों तक ही व्यायाम को नियमित रखकर हम हमेशा के लिए खुद को स्वस्थ नहीं रख सकते। हमेशा स्वस्थ रहने के लिए हमेशा व्यायाम करना जरूरी है।

जरूरी नहीं है कि हम एक लंबे अंतराल तक व्यायाम करें जिससे हमें फायदा होगा। व्यायाम को हम अपनी स्थिति के अनुसार कर सकते हैं व्यायाम करने से शारीरिक और मानसिक संतुलन बना रहता है जो व्यक्ति के लिए बहुत ही लाभकारी होता है।

सुबह जल्दी उठकर व्यायाम करना सबसे बेहतर माना जाता है क्योंकि सुबह का शुद्ध वातावरण और व्यायाम का तालमेल बेहतर ढंग से मिलता है। खुली हवा और ठंडे वातावरण के कारण हम काफी अच्छे से व्यायाम करने में सक्षम होते हैं।

आपने अनेक ऐसे लोगों को देखा होगा जो अपनी लंबी उम्र के साथ-साथ स्वस्थ तंदुरुस्त और मानसिक रूप से मजबूत होते हैं। उनकी इस विशेषता का मुख्य कारण ही व्यायाम होता है जो व्यक्ति के जीवन को स्वस्थ और तंदुरुस्त बना देता है।

शारीरिक रूप से सामने आने वाली समस्याएं जिसमें मोटापा और कई लोगों में दुर्बलता होती है इन सभी का निवारण व्यायाम के द्वारा किया जा सकता है मोटापे को कम किया जा सकता है और दुर्बल व्यक्ति यदि नियमित रूप से व्यायाम करें तो उनकी हड्डियां मजबूत होती है और ऊर्जा की प्राप्ति भी होती है।

व्यायाम हमें ऊर्जावान तेज और धैर्यवान बनाता है. आज के समय में मानव के लिए अनेक समस्याएं उत्पन्न हो रही है जो व्यक्ति के लिए बीमारी के रूप में सामने आती है जैसे हृदयाघात फेफड़ों की समस्याएं ह्रदय समस्याएं और अनेक प्रकार की शारीरिक और मानसिक समस्याएं होती है जिससे व्यक्ति के जीवन पर खतरा मंडराता है।

सभी समस्याओं का निवारण व्यायाम के द्वारा किया जा सकता है जिसमें ध्यान के द्वारा हम अपने मन को स्थिर रख सकते हैं और मानसिक रूप से मजबूती प्राप्त कर सकते हैं तथा व्यायाम के अनेक तरीकों से लाभ की प्राप्ति कर सकते हैं।

Vyayam Par Nibandh

सामान्य हर व्यक्ति कुछ अवधि के बाद बीमार होता है जिस कारण उसे अस्पताल में जाकर अपने इलाज के लिए दवाइयां लेनी पड़ती है और यह चक्र हमेशा चलता रहता है बीमारी हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन चुकी है।

यदि हम प्राचीन समय की स्थिति पर नजर डालें तो आज की तुलना में उस समय बहुत ही कम लोग बीमार होते थे। क्योंकि उनका दैनिक क्रियाकलाप ही कुछ इसी प्रकार का था जिसमें व्यायाम शामिल होता था।

व्यायाम का सीधा मतलब शरीर की मालिश होता है जो शारीरिक श्रम से भी किया जा सकता है। बेहतर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए व्यायाम बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। स्वस्थ जीवन के लिए नियमित व्यायाम जरूरी है।

शारीरिक मजबूती और मानसिक दृढ़ता के लिए व्यायाम किया जाता है आज अधिकतर लोग व्यायाम के लिए जिम जाते हैं और खूब कसरत करते हैं जिससे वे हमेशा स्वस्थ और तंदुरुस्त रहते हैं। व्यायाम से सकारात्मक विचार और मानसिक संतुलन बना रहता है।

व्यायाम करने से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है जिससे रोगों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है और हमारा बीमारियों से बचाव करता है। और एक स्वस्थ जीवन प्रदान करता है। तथा दवाइयों से मुक्त करता है।

दवाइयों की निर्भरता से बचाव के लिए व्यायाम उपयोगी संसाधन है यदि व्यायाम नियमित रूप से किया जाए तो दवाइयों और बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। दवाइयां हमें आंतरिक रुप से कमजोर बना देती है।

पाचन, श्वसन , पोषण और उत्सर्जन की क्रियाओं के दौरान आने वाली समस्याओं से व्यायाम मुक्ति दिलाता है. व्यायाम हमें हमेशा करना चाहिए. हमारी दैनिक क्रियाकलाप में व्यायाम को जोड़ना बहुत ही महत्वपूर्ण है.

हमारे देश में पुरुष महिलाओं की तुलना में अधिक व्यायाम करते हैं जिसका सबसे बड़ा कारण यह है कि महिलाएं घरेलू काम में व्यस्त रहती है जिस कारण व्यायाम नहीं कर पाती है। पर घरेलू काम मैं महिलाओं का व्यायाम हो जाता है।

वहीं पुरुष घरेलू काम नहीं करते हैं जिस कारण उनका व्यायाम नहीं होता है इसलिए उन्हें विशेष रूप से कसरत करके व्यायाम करना पड़ता है. आज के किसान लोग शहरी लोगों की तुलना में अधिक मजबूत होते हैं जिसका कारण कृषि कार्य से होने वाले व्यायाम है।

प्राचीन समय में मशीनों के अभाव में लोग हाथों से कार्य किया करते थे जिस कारण उनका नियमित व्यायाम हो जाता था लेकिन आज के समय में बढ़ती प्रौद्योगिकी ने मशीनों का आविष्कार किया है जिससे शारीरिक श्रम की आवश्यकता नहीं होती है इस कारण व्यायाम से वंचित रह जाते हैं।

आजकल बिना शारीरिक श्रम के रोजगार प्राप्त किया जाता है टेक्नोलॉजी ने ऑनलाइन कमाई के तरीकों को खोज निकाला है जिससे बिना श्रम के कमाई की जा सकती है. ऑनलाइन कमाई घर से ही की जाती है जिस कारण स्वाभाविक रूप से व्यायाम नहीं हो पाता है।

इसलिए व्यायाम को एक कार्य के रूप में अलग से किया जाना चाहिए. व्यायाम एक ऐसा कार्य है जिसकी कोई निर्धारित आयु नहीं होती है यह बच्चे जवान तथा बुजुर्गों द्वारा किया जा सकता है, लेकिन इसे करने के अलग अलग तरीके होते हैं.

व्यायाम पर निबंध

नियमित रूप से किया गया व्यायाम व्यक्ति के जीवन को स्वस्थ और निरोगा बना देता है. रोगों से मुक्ति मानव जीवन का पहला सुख माना गया है. इसलिए कहा गया पहला सुख निरोगी काया.

शारीरिक श्रम ही व्यायाम कहलाता है. एक स्वस्थ जीवन और दीर्घायु के लिए व्यायाम करना जरुरी है. व्यक्ति की पहली दौलत उसका स्वस्थ्य होता है. इसलिए शरीर को संतुलित रखना आवश्यक है.

व्यायाम आवश्यक क्यों है? 

जब तक व्यक्ति की शारीरिक स्थिति सही नहीं होती है. वह कोई कार्य नहीं कर पाता है. इसलिए व्यायाम करना अर्थात शरीर की मालिश करना आवश्यक माना जाता है. शरीर लोहे के औजार की तरह होती है, जिसे जितना चलाए उतना ही बेहतर चलता है. और रोक देने पर जंग लग जाता है. आर्थात बर्बाद हो जाता है.

हम विज्ञान में पढ़ते है, कि शरीर के स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार जरुरी है. जिससे शरीर संतुलित रहता है, पर व्यायाम के बिना संतुलित भोजन भी ठीक से पच नहीं पाता है. इसलिए व्यायाम महत्वपूर्ण है.

व्यायाम की आवश्यकता का उदाहरण हमें जंगल के राजा शेर और टाइगर से मिलता है. ये अपने शिकार को पकड़ने के लिए हर रोज खूब प्रयास करते है. जिस कारण ये हमें संतुलित, निरोगे और तेज तंदरुस्त रहते है.

कई लोग हमेशा चिंताग्रस्त रहते है. और मानसिक रूप से कमजोर होते है, वे व्यायाम करके खुद को मजबूती प्रदान कर सकते है. मानसिकता पर भी व्यायाम का गहरा प्रभाव पड़ता है.

व्यायाम के प्रकार

वैसे तो व्यायाम कई प्रकार के होते है. तथा उन्हें करने के अलग अलग तरीके और समय होता है. पर मुख्य रूप से व्यायाम को तीन भागो में विभाजित किया गया है. ये क्रियाओ के आधार पर विभाजित किये गए है.

नम्यक- यह व्ययाम व्यक्ति के शरीर को लचीला बनाने में सहायता करता है. इस व्यायाम से शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव होता है.  रुके हुए अंग कार्य करना शुरू कर देते है.

एरोबिक व्यायाम- यह व्यायाम मानसिकता को प्रभावित करता है. इससे मन को शांति व ह्रदय को स्वाध्याय की शक्ति बढती है. ये व्यायाम साईकिल चलाना, तैराकी, घूमना, नौकायन, दौड़ और लंबी पैदल यात्रा आदि प्रमुख है.

एनारोबिक व्यायाम- इस व्यायाम से व्यक्ति की शक्ति बढती है. और उसके अंगो का विकास होता है. यह व्यायाम व्यस्क लोग करते है. यह सामान्यतया gym में किया जाता है. जैसे वजन उठाना, क्रियात्मक प्रशिक्षण या छोटी दूरी की तेज दौड़ आदि प्रमुख है.

प्रातःकाल का भ्रमण और योगाभ्यास

व्यायाम को लेकर लोगो के मन में अलग अलग अवधारणा होती है. कई लोग वजन उठाना और gym में जाने को ही व्यायाम समझते है. पर व्यायाम के कई अनेक तरीके है, जो काफी सरल और लाभकारी होते है.

सबसे सरल और सभी के लिए लाभकारी व्यायाम प्रातः काल का भ्रमण या दौड़ होता है. इसमे अधिक श्रम की आवश्यकता नही होती है. यह सुबह उठकर खुले वातावरण में टहलकर किया जाता है.

सुबह के शुद्ध वातावरण में टहलना हमारे लिए बहुत ही लाभकारी होता है. इससे हमें शुद्ध वायु मिलती है. और मन को शांति मिलती है.

सुबह भ्रमण या दौड़ के बाद खुली हवा में योगाभ्यास करना आवश्यक है. इसमे आप पदमासन, शवासन, प्राणायाम, सर्वांगासन, गोमुख आसन, सूर्य नमस्कार आदि योग करके हम अपने दिन की शुभ शुरुआत कर सकते है. इन योगाभ्यास से सम्पूर्ण शरीर का श्रम हो जाता है, जो अत्यंत जरुरी है.

व्यायाम के लाभ

व्यायाम हमारे लिए लाभकारी होता है, ये वाक्य हम बचपन से सुनते आ रहे है, पर हम ये नहीं जानते कि इससे हमें क्या-क्या लाभ होते है. तो चलिए इसके लाभों के बारे में जानते है-
  • शारीरिक शक्ति का बढ़ना.
  • एक स्वस्थ जीवन की प्राप्ति.
  • बिमारियों से मुक्ति.
  • तेजी, फुर्ती और चुस्ती आना.
  • शरीर में लचीलापन उत्पन्न होना.
  • शरीर का तेजी से विकास होना.
  • एकाग्रता का बढ़ना.
  • हर कार्य में मन लगना.
  • पोषण, श्वसन, उत्सर्जन, पाचन, और रक्त वहन का संतुलन बना रहता है.
  • एक विशेष उर्जा की प्राप्ति होती है. जिससे कार्य करने की ;लग्न पैदा होती है.
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता का बढ़ना.

व्यायाम से हानि

हर वह कार्य जिससे लाभ की प्राप्ति होती है. उसके विपरीत भी एक पहलु होता है, जो हमें हानिकारक पहलु दिखाता है. हम आज तक केवल व्यायाम के लाभ के बारे में ही जानते थे. पर आज हम व्यायाम से होने वाली हानियों के बारे में जानेंगे.


किसी भी चीज की अति बहुत ही हानिकारक होती है. चाहे वो कुछ भी हो. इसी प्रकार जब हम अपनी पहुँच से ज्यादा व्यायाम करते है, तो हमें अनेक समस्याओ का सामना करना पड़ता है.

जैसा कि कहा गया है, कि व्यायाम हमें अपनी शक्ति के आधे भाग तक का ही करना चाहिए. अर्थात जब हम दौड़ लगाते है, तो मुंह से श्वास लेने की स्थिति आने पर हमे रुक जाना चाहिए. क्योकि इसे अर्द्धबलेन सीमा कहा जाता है.

व्यायाम करने के लिए हमे सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए. तथा उसके अनुसार ही व्यायाम करना चाहिए. व्यायाम नियमित रूप से करे वर्ना ना करें.

व्यायाम की सावधानियां

किसी भी कार्य को सावधानीपूर्वक किया जाए तो खतरे से भरा कार्य भी आसानी से किया जा सकता है. पर सावधानी न रखें. तो लाभकारी कार्य को नुकसानदायक बनाया जा सकता है. व्यायाम करते समय हमें निम्न सावधानियां बरतनी चाहिए.
  • व्यायाम करने के तुरंत बाद स्नान करना या पानी पीना हानिकारक होता है.
  • व्यायाम एक समय अवधि के अनुसार करें.
  • इसे नियमित रूप से करें.
  • व्यायाम करने के कुछ समय बाद दूध का सेवन करें. भोजन न करें.
  • क्षमता के अनुसार ही व्यायाम करें.
  • प्रातःकाल को व्यायाम करें. खुली हवा में करें.
  • अपनी आयु के अनुसार व्यायाम करें.

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