100- 200 Words Hindi Essays, Notes, Articles, Debates, Paragraphs & Speech

रक्षाबंधन पर निबंध | Essay on Raksha Bandhan in Hindi

रक्षाबंधन पर निबंध | Essay on Raksha Bandhan in Hindi

रक्षाबंधन पर निबंध | Essay on Raksha Bandhan in Hindi: त्योहार मनाने की हमारी प्राचीन परम्परा है. हमारे देश में अनेक त्योहार मनाए जाते हैं. मनाये जाने वाले त्योहारों में रक्षाबंधन एक बड़ा त्योहार हैं. इस त्योहार पर पहले ब्राह्मण लोग अपने यजमानों के हाथ में मंगल सूत्र बांधकर उनके सुख की कामना करते थे. बाद में यह त्योहार भाई बहिन के स्नेह का त्योहार बन गया हैं.

कब क्यों मनाया जाता हैं- रक्षाबंधन वर्षा ऋतु में श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता हैं. इस त्योहार की अपनी सांस्कृतिक परम्पराएं हैं. 

रक्षाबंधन का त्योहार को मनाने के पीछे अनेक पौराणिक कथाएँ हैं. राजा बलि तथा वामनावतार की कथा इससे जुड़ी हुई मानी जाती हैं. वैसे तो प्राचीन समय में वैदिक आचार्य अपने शिष्य के हाथ में रक्षा का सूत्र बांधकर उसे वेद शास्त्र में पारंगत करते थे.

परन्तु आज इन कथाओं का महत्व कम रह गया हैं. धीरे धीरे इस त्योहार की परम्परा ने सामाजिक रूप धारण किया. ब्राह्मण वर्ग ने अपनी जीविका प्राप्त करने के लिए समर्थ व्यक्तियों के हाथ में रक्षा सूत्र बांधकर अपनी रक्षा का भार सौप दिया. शिष्टाचार के नाते आज भी रक्षाबंधन के दिन ब्राह्मण लोग समर्थ व्यक्तियों के हाथों में रक्षा सूत्र बांधते हैं. और लोग यथाशक्ति उन्हें धन देकर उनकी सहायता करते हैं.

मनाने का तरीका- वर्षा ऋतु के सुहावने मौसम में रक्षाबंधन का त्योहार उल्लास व उमंग के साथ मनाया जाता हैं. इस दिन बहिनें नवीन वस्त्र धारण करके अपने भाई के ललाट पर टीका लगाती हैं. उन्हें मिठाई खिलाती हैं. तथा उनके हाथों में राखी बांधती हैं. राखी बाँधने के बदले भाई अपनी बहिन को धन देकर खुश करता हैं. वास्तव में यह त्योहार भाई बहिन के पवित्र सम्बन्धों का त्योहार हैं.

महत्व-रक्षाबंधन एक सांस्कृतिक त्योहार ही नहीं है, अपितु सामाजिक महत्व का त्योहार भी हैं. इसे राजस्थान के इतिहास में भी महत्व दिया गया हैं. कहा जाता है कि रानी कर्णावती ने अपनी रक्षा के लिए मुसलमान बादशाह हुमायू को अपना राखी बंध भाई बनाया था. जिसने मुसीबत के समय रानी की सहायता की थी.

वर्तमान काल में निर्विवाद रूप से माना जाता है कि भारत में रक्षाबंधन का त्योहार भाई बहिन के पवित्र सम्बन्धों की पवित्र परम्परा को चिरस्थायी रूप देने वाला त्योहार हैं. इस त्योहार के पीछे चाहे पौराणिक कथा जो भी हो, परन्तु भारत सरकार इसे राष्ट्रीय त्योहार के रूप में महत्व देती हैं.

उपसंहार- इस प्रकार अन्य त्योहारों की भांति रक्षाबंधन का त्योहार भारत में हिन्दुओं के चार प्रमुख त्योहारों में माना जाता हैं. भाई और बहिन परस्पर स्नेह बंधन की परम्परा स्वीकार कर इस अवसर पर कर्तव्य पालन की प्रतिज्ञा करते हैं. इससे पारिवारिक सम्बन्धों में स्थायित्व आता हैं. तथा जीवन में नवीन स्फूर्ति का संचार होता हैं.

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अपनी मूल्यवान राय दे