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यदि मैं सरपंच होता तो निबंध | If I Were A Sarpanch Essay In Hindi

यदि मैं सरपंच होता तो निबंध | If I Were A Sarpanch Essay In Hindi- नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है, आज के हमारे इस आर्टिकल में आज के आर्टिकल में हम यदि मै सरपंच होता तो पर काल्पनिक निबंध लेकर आए है. तो चलिए शुरू करते है..

यदि मैं सरपंच होता तो निबंध | If I Were A Sarpanch Essay In Hindi

यदि मैं सरपंच होता तो निबंध | If I Were A Sarpanch Essay In Hindi

हमारे देश में प्राचीन समय से पंचायत प्रणाली प्रचलित हैं. इसमें पंच को परमेश्वर मानकर उसे आदर दिया जाता हैं. परन्तु अंग्रेजों के शासनकाल में यह व्यवस्था समाप्त हो गई थी.

आजादी मिलने के बाद हमारे देश में पंचायती राज को फिर से प्रचलित किया गया. पंचायतों में अन्य सदस्य पंच कहलाते हैं. उनमें मुखिया को सरपंच कहा जाता हैं.

सरपंच का चयन- गाँव के सरपंच का चयन मतदान प्रक्रिया से होता हैं. जो आदमी योग्य तथा उस गाँव का निवासी होता हैं. या उस पंचायत क्षेत्र का मतदाता होता हैं, वह सरपंच पद के लिए उम्मीदवार बन सकता हैं. 

मतदान के द्वारा निश्चित समय के लिए सरपंच चयनित होता हैं. चयनित सरपंच अपनी पंचायत का प्रमुख होता हैं. सभी जन उसका सम्मान करते हैं. सरपंच के सम्मानित पद को देखकर मेरी इच्छा होती हैं कि मैं सरपंच होता तो कितना अच्छा होता.

कर्तव्यपालन- यदि मैं सरपंच होता तो मैं इन कर्तव्यों का स्वयं पालन करता.
  • मैं सरपंच होने के नाते सभी लोगों से समानता का व्यवहार करता, क्षेत्र या गाँव में जातिवाद, उंच नीच की भावना को कम करने की पूरी पूरी कोशिश करता.
  • पंचायत के क्षेत्र में विकास के लिए योजनाएं बनाता तथा जिला विकास अधिकारी से उसे अनुमोदित करवाता, फिर विकास का कार्य प्रारम्भ करने में अपनी अग्रणी भूमिका निभाता.
  • सरपंच होने के नाते अपने क्षेत्र या गाँव में विद्यालय और राजकीय अस्पताल खुलवाता, पीने के पानी की उचित व्यवस्था करता. साथ ही जल मल निकासी की व्यवस्था सुलभ शौचालय एवं सफाई आदि सुविधाओं का विकास करने की कोशिश करता.
  • असहाय निर्धन लोगों को आर्थिक सहायता दिलवाता.
  • सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का ईमानदारी के साथ संचालन करवाता.
  • दहेज प्रथा और बाल विवाह आदि पर रोक लगवाने की पूरी पूरी कोशिश करता.
उपसंहार- इस प्रकार यदि मैं सरपंच होता तो जनहित में अनेक कार्यक्रम बनाता जिससे गाँव या क्षेत्र विशेष का चहुमुखी विकास होता, समाज कल्याण के कार्यों को गति मिलती और सभी प्रसन्न और खुशहाल जीवन जीते. अतः यदि मैं सरपंच होता तो कितना अच्छा होता.

यदि मैं सरपंच होता निबंध 500 शब्द 

सरपंच ग्राम पंचायत का प्रमुख जनप्रतिनिधि होता है, जिससे उस ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी गांव के मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष रूप से व्यस्क मताधिकार प्रणाली के आधार पर चुना जाता है। ग्राम पंचायत लोकतंत्र की पहली सीढ़ी होती है।

सरपंच बनने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए और उस ग्राम पंचायत के निवासी होने चाहिए। भारत गांवों में बसता है भारत के अधिकांश जनसंख्या आज भी गांव में निवास करती है

और गांव आज भी उतने विकसित नहीं है इसलिए मेरी यह प्रबल इच्छा है कि यदि मैं भविष्य में कभी सरपंच के पद पर निर्वाचित होता हूं तो मेरी प्राथमिकता में निम्न कार्य रहेंगे -
  • जिस प्रकार भारत में शहरों को स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकसित किया जा रहा है उसी तरह गांव को भी "स्मार्ट विलेज" के रूप में विकसित करेंगे।

  • स्मार्ट विलेज के लिए गांव को सबसे पहले आसपास के बड़े कस्बों और गांव से पक्की सड़कों से जोड़ा जाएगा।

  • ग्राम पंचायत के प्रत्येक परिवार में "स्वच्छ भारत अभियान" के तहत बनने वाले शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

  • गांव के लोगों के पेयजल के लिए जो भी उपयुक्त व्यवस्था हो सकती है वह की जाएगी।

  • यदि मैं ग्राम पंचायत का सरपंच निर्वाचित होता हूं तो मैं ग्राम पंचायत के प्रत्येक गांव में गांव के युवाओं के लिए खेलने के लिए एक अच्छा मैदान तैयार करवाऊंगा। 

  • गांव के बच्चे प्रतियोगी परीक्षा की अच्छी तैयारी कर सकें और उन्हें शहर नहीं जाना पड़े इसके लिए ग्राम पंचायत के प्रत्येक गांव में एक लाइब्रेरी तैयार करवाई जाएगी।

  • गांव में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को केंद्र सरकार और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी।

  • ग्राम पंचायत में चल रही मनरेगा योजना का सफल क्रियान्वयन कैसे हो और इसमें भ्रष्टाचार को कोई जगह नहीं मिले इसकी पूरी व्यवस्था की जाएगी।

  • गांव के विद्यालय में अगर कोई नया भवन बनाने की आवश्यकता है तो उसे बनवाए जाएगा।

  • ग्राम पंचायत के प्रत्येक गांव में एक सार्वजनिक भवन बनाया जाएगा।

  • गांव के धार्मिक स्थलों के लिए आवश्यक निर्माण कार्य किए जाएंगे।

  • गांव का प्रत्येक बच्चा प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करें और बाल श्रम में लिप्त ना हो इसकी पूरी देखरेख और निगरानी की जाएगी।

  • गांव में परिवहन सुविधा के लिए जो भी आवश्यक कार्य होंगे उसे किया जाएगा।

  • ग्राम पंचायत के सभी बुजुर्गों को राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली सभी योजनाओं का लाभ मिले यह सुनिश्चित किया जाएगा।

  • गांव की महिलाओं उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया जाएगा और उन्हें केंद्र और राज्य सरकार द्वारा क्रियान्वित की जाने वाली सभी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी।

  • गांव के लोगों को लघु और कुटीर उद्योग को के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जिससे उन्हें गांव में ही रोजगार प्राप्त हो सके।

  • यदि मैं सरपंच पद पर निर्वाचित होता हूं तो मैं गांव गांव में जाति, धर्म के आधार पर भेदभाव को समाप्त करने की कोशिश करूंगा।

  • सरपंच के रूप में मैं ग्राम पंचायत के लिए राज्य सरकार से अधिक से अधिक बजट पेश करवाने और उसका एक - एक रुपया ग्राम पंचायत के विकास में खर्च किया जाएगा।


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