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आत्मनिर्भर भारत पर निबंध Aatm Nirbhar Bharat Essay in Hindi

आत्मनिर्भर भारत पर निबंध इन हिंदी Essay on Self Reliance India in hindi हर देश के विकास में आत्मनिर्भरता का होना जरुरी है. आज हम आत्मनिर्भर भारत के बारे में विस्तार से पढेंगे. 

आत्मनिर्भर भारत पर निबंध Aatm Nirbhar Bharat in Hindi

आधुनिक काल में किसी भी देश के विकास के लिए आत्मनिर्भरता का होना आवश्यक है. जो देश आत्मनिर्भर नहीं है. उनका विकास बहुत कम स्तर पर रहा है. इसी कारण हमारे देश के विकास के लिए आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत की गई.

आत्मनिर्भर का अर्थ खुद के देश में ही जरुरी वस्तुओ का निर्माण करना जिससे देश के लोगो को आमदनी मिलेगी. तथा देश को टेक्स का भुगतान नहीं करना पड़ेगा. 

आत्मनिर्भर भारत पर निबंध Aatm Nirbhar Bharat Essay in Hindi

आत्मनिर्भर भारत पर निबंध Aatm Nirbhar Bharat Essay in Hindi

आत्मनिर्भर का अर्थ होता है। किसी अन्य पर निर्भर न होते हुए। खुद पर निर्भर होकर हर वस्तु का निर्माण अपने देश मे करना आत्मिर्भर कहलाता है।

हमारे देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारे देश मे ''आत्मनिर्भर भारत योजना'' की शुरुआत की गई। इस योजना के अनुसार हर वस्तु का निर्माण हमारे देश मे हो तथा विदेशो मे वस्तुए बहुत महंगे दाम मे मिलती है। तथा देशो का टेक्स भी भरना पड़ता है।

अपने देश को आत्मनिर्भर बनाना हर व्यक्ति का अपना एक सपना होता है. हमारे देश के के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमिका देश की आत्मनिर्भरता निभाती है.

देश का विकास देश के आत्मनिर्भरता पर निर्भर होता  है. जिस देश में आत्मनिर्भरता ज्यादा होगी. वह देश बहुत जल्दी से विकास कर पायेगा. अन्यथा देश विदेशी वस्तुओ के मूल्य तथा टेक्स से ही दबी रहेगी. इस प्रकार देश हर समय ऋण की स्थिति में ही रहता है. देश का विकास कराने के लिए सबसे श्रेष्ठ साधन आत्मनिर्भरता है. 

आत्मनिर्भरता का मतलब खुद के पैरो पर खुद के बल से खड़ा होना. और ऐसा करने वाला देश विकसित देश होता है. हर वस्तु का निर्माण हमारे देश में हो.

इस पर हमारी भारतीय सरकार अनेक प्रयास कर रही है. हमें उम्मीद है. कि आने वाले कुछ ही सालो में हमारा देश आत्मनिर्भर बन जायेगा. तथा हमारा देश विकसित देशो में श्रेष्ठ देश होगा. 

उदाहरण से हम समझे तो कोई किसी व्यक्ति का जीवन एक लाठी से चल रहा है. परन्तु उससे वह लाठी छीन ली जाये तो उसकी क्या हालत होगी. क्या वह अपना जीवन व्यतीत कर पायेगा.

वह तो दूसरो पर निर्भर रहता है. इसी प्रकार दुसरे देशो पर निर्भर रहने वाले  देशो के साथ होता है. जब चाहे दाम बढ़ा दिए जाते है. पर जरुरत के मारे उस देश को वह वस्तु जिस भी दाम में दी जाती है. उसे खरीदना पड़ता है. उसकी वह मजबूरी होती है. और आत्मनिर्भर देश इसका फायदा उठाते है.

दुसरे देश मन चाहे तो वस्तु देते है. न चाहे तो वह नहीं देते है. इसलिए हमें किसी के फरोसे पर नहीं रखना चाहिए. खुद आत्मनिर्भर बनो और हमारे देश को ऐसा देश बनाने का प्रयास करो. कि जो देश आज हमारी मज़बूरी का फायदा उठाते है.

कल वही देश हमारे गुलाम होने चाहिए.और हमारे देश में हर वस्तु का डेवलप होना चाहिए.
जब तक देश आत्मनिर्भर नहीं हो सकता तब तक देश का विकास चाहकर भी नहीं किया जा सकता है. 

आत्मनिर्भर विकास की कुंजी है.हमारे देश भारत की आज की स्थिति देखे तो हमारे देश में काफी मात्रा में वस्तुए विदेश से लाई जाती है. हमारा देश की आत्मनिर्भरता आजादी के समय की तुलना में आज के समय में काफी विकास हुआ है.

आज हमारे देश में कई संसाधनों का निर्माण होता है. जो हमारे देश के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण  है, हम चाहते है. कि हमारे देश का विकास इसी प्रकार होता रहे. 

आत्मनिर्भर भारत अभियान 

कोरोना महामारी के चलते हमारे देश में एक वर्ष से ज्यादा की अवधि तक लॉकडाउन लगा दिया गया. जिसके कारण हमारे देश में वितीय कमी होने के कारण देश पर आर्थिक संकट छा गया.

इस संकट से देश के बचाव के लिए हमारे देश की वर्तमान सरकार ने आत्मनिर्भर भारत योजना प्रारंभ की ये योजना 2020 में लागु की गई थी.ये योजना सफलता की और धीरे-धीरे अग्रसर हो रही है. 

हमारे विशाल देश को आत्मनिर्भर बनाना आसान काम नहीं है. इसलिए भारतीय सरकार ने इसे अलग-अलग अभियानों में बाँट दिया जिसमे सबसे प्रथम अभियान आत्मनिर्भर भारत अभियान 1.0 था.

जो कि सफलता पूर्वक  पूर्ण कर लिया गया, उसके बाद आत्मनिर्भर भारत अभियान 2.0 तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान 3.0 को लोंच किये गए. जो की अभी प्रगति पर है. 

हमारे देश के हाल ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदीजी आत्मनिर्भर भारत के अभियान को बल  दे रहे है.  वे हर समय होने वाले वार्षिक उत्सव पर देश को आत्मनिर्भर बनाने की बात करते है.

वे लोगो को आत्मनिर्भरता के महत्व के बारे में समझाते हुए हर संसाधन का निर्माण भारत में करने की बात करते है.देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा आर्थिक आह्वान भी किया गया है. जिसमे भारत सरकार ने २० लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है. 

प्रधानमंत्री द्वारा बनाये गए इस अभियान से हमारा देश विकसित हो सकता है. खुद की एक अलग पहचान बना सकता है. तथा खुद के पैरो पर खड़ा हो सके और किसी का औपनिवेशिक न रहे.

आत्मनिर्भर भारत का ये सपना आज का नहीं है. वरन हमारे देश के महापुरुष राष्ट्रपिता महत्मा गाँधी जी का सपना था. कि हमारा देश खुद अपनी अर्थव्यवस्था को ठीक करे. और ज्यादा से ज्यादा स्वदेशी वस्तुओ का प्रयोग करें. ये सपना वर्तमान में पूर्ण होता नजर आ रहा है. 

आत्म निर्भरता को हम इस प्रकार नहीं समझ सकते है. कि विदेशो से आने वाले समान पर रोक लगा दी जाये या जबदस्ती रूप से आयात बंद कर दें.

आत्मनिर्भर का मतलब ये है. कि हर वस्तु का निर्माण में भारत में हो तथा वे वस्तुए इतनी सस्ती हो कि लोग विदेशी वस्तुओ को खरीदना ही बंद कर दें.तथा हर वस्तु स्वदेशी अपनाये.

क्योकि कोई भी कार्य को जबरदस्ती से नहीं करवाया जा सकता है. जनता अपने हित में कार्य करेगी. और ऐसा तब होगा जब स्वदेशी वस्तुओ के दाम विदेशी वस्तुओ से कम होंगे.

आत्मनिर्भर भारत फायदे

हमारे देश के लिए आत्मनिर्भरता  बहुत ही मत्वपूर्ण होने वाली है. आत्म निर्भर से हर देश को फायदा मिलता है. तथा आत्म निर्भर के कारन ही देश में तेजी से तरक्की होती है.

  1. आत्मनिर्भर भारत से हमारे देश में कोई भी बेरोजगार नहीं रहेगा. 
  2. हमारे देश में आत्मनिर्भरता से देश में  उद्योगों  में वृद्दि होगी. 
  3. हमारे देश को अन्य देशो का औपनिवेश नहीं रहना पड़ेगा. खुद द्वारा निर्मित वस्तुओ का प्रयोग करने से दुसरे देशो से सहायता की जरुरत नहीं पड़ेगी. 
  4. आत्मनिर्भर देश  में नागरिको को रोजगार प्राप्त करने के अनेक अवसर प्राप्त होते है. जिससे कोई भी व्यक्ति गरीब या बेरोजगार नहीं रहेगा. 
  5. आत्म निर्भर से हमारे देश की आर्थिक स्थिति ठीक हो सकती है. देश में स्वदेशी वस्तुओ का प्रयोग करने से वितीय संकट का खतरा कम होता है. 
  6. भारत आत्मनिर्भर बनने से भण्डारण के स्तर में काफी वृद्दि होगी. तथा ज्यादा अनाज या अन्य वस्तुओ का होने के कारण ज्यादा निर्यात कर सकेगा. जिससे देश को आर्थिक सहायता भी मिलेगी. 
  7. विशेष आपदा भूकम्प या अकाल की स्थिति में अन्य देशो से मांग कम करनी पड़ेगी.
  8. देश की स्वदेशी वस्तुओ का मूल्य भी कम होता है. तथा देश  स्वदेशी वस्तुए शुद्द भी होती है. जिससे लोगो के स्वास्थ्य अच्छा रह पायेगा. 
हमें अपने देश को विकसित बनाने के लिए एक शपथ लेनी चाहिए. कि हमने जिस मिट्टी में जन्म लिया है. हमें अपनी मिटटी का कर्ज उतरना हमारा दायित्व है. हमारे देश को विकसित बनाने के लिए हम सब की जिम्मेदारी है. कि हम सब मिलकर देश की सहायता करें.

हमारे देश को सामाजिक आर्थिक तथा राजनितिक दृष्टि से सबसे श्रेष्ठ देश बनाये और देश का नागरिक होते हुए हमारा यही दायित्व है. कि देश की सहायता करें. हमें खुद पर गर्व होना चाहिए. कि हम उस देश के निवासी है. जो देश सभी दृष्टि से स्वतंत्र है. 

आत्मनिर्भर बनने के पांच स्तम्भ

अर्थव्यवस्था – हमारे देश में क्षेत्रो के अनुसार अलग अलग अर्थव्यवस्था है. हमें देश के सभी नागरिको को रोजगार मिले और स्वदेशी वस्तुओ का निर्माण हो. तो ये कार्य अर्थव्यवस्था की सहयता से किया जा सकता है.

तकनीकी – भारत पिछले कई दशको से तकनिकी में काफी विकसित हुआ है. पर हमें तकनीक का सहारा लेकर ऐसे संसाधनों को बनाने की जरुरत है, जिससे किसी भी वस्तु का निर्माण किया जा सकें. 

इन्फ्रास्ट्रक्चर – आज हमारे देश की सबसे बड़ी मजबूती इन्फ्रास्ट्रक्चर है, जो देश इ आत्मनिर्भरता बढ़ाने में सहायता प्रदान करती है.
मांग – हमारे देश में कच्चे मांग की मांग लगातार बढती जा रही है. कच्चे माल के बिना वस्तुओ का निर्माण संभव नहीं है. इसी कारण कच्चे माल का निर्माण जरुरी है.

बढ़ती जनसंख्या– भारत की जनसंख्या लगातार तेजी से बढती जा रही है. जो देश के आर्थिक विकास में बाधा बन रही है. पर भारतीय बेरोजगारों द्वारा कच्चे माल और वस्तुओ का निर्माण शुरू करवाया जाए तो यही जनसंख्या देश के विकास का कारण भी बन सकती है.

आत्मनिर्भर राष्ट्र

आज के युग में कुछ ऐसे देश जो आत्मनिर्भर है, और उन देशो पार् भारत जैसे कई देश निर्भर रहते है. आत्मनिर्भर देश में सभी स्वदेशी वस्तुओ का उपयोग किया जाता है. आत्मनिर्भर देश अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ साथ अन्य देशो में भी माल बेचता है.

आत्मनिर्भर राष्ट्र में आप चीन का नाम ले सकते है. जो एक विकसित देश है. आत्मनिर्भरता ही इस राष्ट्र को विकसित बनाती है. इस देश में सबसे अधिक जनसँख्या है,

पर इस देश के सभी नागरिक देश की आत्मनिर्भरता को बढाने में लगे हुए है.जिससे वहा के लोग अपना गुजरा भी करते है. और जो जनसँख्या भारत में बाधा बन रही है. व्ही जनसँख्या चीन में विकास का कारण बन रही है.

हमें चीन से माल खरीदने की बजाय सीख लेनी चाहिए. हमारा देश जनसँख्या में चीन से थोडा सा दूर है. पर यहाँ की जनसँख्या बेरोजगार बैठी है, इसलिए भारत में वस्तुओ का निर्माण शुरू कर बेरोजगारी को कम किया जा सकता है, तथा देश को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है.

निजी क्षेत्रों को बढ़ावा

देशमे आज कई बड़े शहर है, जहा पार्आ उद्योगों की कमी है. और वहा उद्योग के लिए पर्याप्त स्थान्भी नहीं है. जिस कारण निजी क्षेत्रो को बढ़ावा देकर उद्योगों की शुरुआत करनी चाहिए/

आत्मनिर्भर भारत अभियान के अनुसार पिछले कुछ वर्षो से कई निजी क्षेर्त्रो में काफी विकास हुआ है. और कई घोशनाए की गई. जिनके अनुसार हर निजी क्षेत्र में विकास दर को बढ़ावा दिया जाएगा.

इस अभियान के तहत सबसे अधिक निजी उद्योगों को खोला जाए. तथा विदेशी माल को बंद किया जाए. जिससे बाजारों में निजी उद्योगों की मांग बढे और भारतीय नागरिक कच्चे माल को वस्तु का रूप देकर आमदनी कमाए.

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