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प्रेरणा पर निबंध Essay On Motivation In Hindi

आज हम प्रेरणा पर निबंध Essay On Motivation In Hindi  के बारे में लेख,निबंध,अनुच्छेद के माध्यम से पढेंगे. प्रेरणा क्या है? प्रेरणा के स्रोत,प्रेरणा का महत्व आदि के बारे में सम्पूर्ण जानकारी लब्ध करेंगे. 

प्रेरणा पर निबंध Essay On Motivation In Hindi

प्रेरणा पर निबंध Essay On Motivation In Hindi
मानव जीवन जन्म से लेकर मृत्यु तक कई विचार अपने जीवन में लाता है, कई कार्य करता है, तथा अपनी सोच को बदलकर उसी कार्य को कई तरीको से करता है. बदलाव हमारी विशेषता है.

एक व्यक्ति अपने चरित्र में बदलाव कर सभी का नजरिया बदलता है, उसका बदलाव किसी न किसी की प्रेरणा से मिलता है. एक व्यक्ति यदि अच्छे व्यक्ति से प्रेरित होता है, तो वह अच्छे व्यक्ति के जीवन की ओर बढ़ता है.

वही कई बार बुरे लोगो की प्रेरणा के कारण व्यक्ति जीवन में बुरा बन जाता है. इसी कारण प्रेरणा व्यक्ति के जीवन को किसी भी स्थिति में ला सकती है. इसलिए हमें जीवन में अच्छी प्रेरणा प्राप्त करनी चाहिए, जो हमें माता-पिता, शिक्षक भाई-बहन तथा अपने सच्चे दोस्त से मिलती है.

व्यक्ति अपने हर कार्य से कुछ न कुछ सीखता है, सबसे ज्यादा प्रेरणा हारा हुआ व्यक्ति प्राप्त करता है, वो अपनी हर हार का अनुभव करता है, तथा उससे सीखता है, जिस कारण वो अपनी गलतियों को समझ पाता है.

व्यक्ति एक बार में ही सबकुछ सिख जाए यह जरुरी नहीं है, जीवनभर कुछ न कुछ सिखा जा सकता है, अच्छा वातावरण और अच्छे दोस्त बच्चे के जीवन को बुनियाद देते है. इसलिए कहा जाता है, जैसी संगती कीजिए वैसो ही फल दीन.

यदि जीवन में प्रेरणा मिले तो हमे उसकी उम्र लेवल या उसका पद नहीं देखना चाहिए, एक बच्चे से लेकर एक बुजुर्ग सभी हमें कुछ न कुछ सिखा सकते है, प्रेरित कर सकते है.

Motivational Articles In Hindi

प्रेरणा एक ऐसा ऐसी वस्तु है. जो व्यक्ति के जन्म से लेकर व्यक्ति के मरने तक उसे मिलती है. प्रेरणा सकरात्मक वाक्य है. प्रेरणा हर व्यक्ति से मिलती है. तथा हर समय मिलती है.

हम जरुरत पड़ने पर दूसरो से प्रेरणा ले भी सकते है. तथा उसे जरुरत होने पर हम दे भी सकते है. प्रेरणा व्यक्ति के जीवन की मुलभुत इकाई होता है. कभी-कभी प्रेरणा किसी व्यक्ति की जान भी बचा सकती है. हम सभी मनुष्य प्रजाति प्रेरणा का एक अहम हिस्सा है.

प्रेरणा हमेशा ग्लूकोज की तरह कार्य करती है. प्रेरणा हमें हर समय नए लक्ष्य की और आकर्षित करती है. प्रेरणा शब्द को परिभाषित किया जाए तो इसकी परिभाषा भी सकरात्मक रूप से दिखती है.

प्रेरणा वह ज्ञान होता है. जो हमारी जरुरत के अनुसार हमें प्राप्त होता है. प्रेरणा का मतलब ऐसा ज्ञान जिससे हम अपने किसी भी कार्य को करने के लिए उत्साह हो. 

प्रेरणा कभी नहीं थकती है. ये हर समय हमें जिंदगी के रोमांचक मोड़ में ले जाकर खड़ा कर देती है. प्रेरणा ही हमारी सफलता का मूल मन्त्र होता है.

प्रेरणा सफल होने तक ही नहीं बल्कि हमें सफल होने के बाद भी उससे बड़े बनने के लिए उत्साह करती है. प्रेरणा हमेशा नई आशाओ तथा इच्छाओ के साथ आती है. तथा हमें जीवन में और आगे कुछ करने के लिए ओरेरित करती है.

प्रेरणा के स्रोत

प्रेरणा का सीधा मतलब समझे तो  इसका अर्थ होता है. व्यक्ति को अहसास कराना. व्यक्ति को अहसास कराने के अनेक स्रोत है.प्रत्येक व्यक्ति को प्रथम प्रेरणा उसके प्रथम गुरु यानि माता-पिता से मिलती है.

माता-पिता के बाद किसी व्यक्ति को प्रेरणा देना वाला व्यक्ति शिक्षक होता है. यदि हम गौर करे तो हमें प्रेरणा प्रत्येक जीव-जन्तुओ से मिलती है. जिसमे जानवर भी शामिल होते है.

पर प्रेरणा का सबसे प्रमुख स्रोत ज्ञान वर्धक किताबे तथा शिक्षक होते है. जो कि हमेशा अच्छी प्रेरणा ही देती है. आज कल तो कम्प्यूटर पर अनेक तरह की चीजे जैसे मोटिवेशन स्टोरी,सफलता का राज आदि अनेक तरह की कहानिया या घटनाए इन्टरनेट पर हमें मिल जाती है. इस प्रकार इन्टरनेट भी प्रेरणा का मत्वपूर्ण स्रोत है.

प्रेरणा के मुख्य स्रोत में प्रेरणाए ही होती है. जो हमेशा हमें अपने जीवन में प्रगति के लिए प्रेरित करती है. वैसे तो हर व्यक्ति को प्रेरणा देने वाले माता-पिता या गुरु मिल जाते है. पर प्रेरणा अपने आप नहीं आती है.

इसे भी प्राप्त करना पड़ता है. प्रेरणा प्राप्त करने के लली अनुसाशन बहुत ही आवश्यक होता है.  प्रेरणा एक ऐसी वस्तू है. जो हमें हमेशा अपनी मान-मर्यादा  पर ध्यान केन्द्रित करवाती है.

प्रेरणा से व्यक्ति की आँखे खुल जाती है. उसे अनुभव हो जाता है. कि मई क्या कर रहा हूँ,और क्या मुझे ये करना चाहिए. अच्छी प्रेरणा  व्यक्ति को अपने जीवन में कुछ बनने के लिए सहायता करती है. प्रेरणा हमारे लिए उर्जा का एक महत्वपूर्ण साधन है. जो हमारे मन को उज्जवल करता है. मन को प्रेरित करता है.

कुछ प्रेरणाए ऐसी भी होती है. जो खुद द्वारा प्राप्त नहीं की जा सकती. पर कुछ प्रेरणाए हमें खुद से ही मिल जाती है. माता-पिता शिक्षक हमें हर समय कुछ नया करने के लिए उत्साहित करते है.

तथा बड़ा बनने के लिए प्रेरित करते है. और हमारी आज की स्थिति का हमें अनुभव होता है. किसी को जीवन में कुछ करना है. तो वह खुद की स्थिति को पहचानकर ही कर सकता है. 

अन्यथा शिक्षक और माता-पिता तो प्रेरणा का स्रोत होते है. यदि हम इनका प्रयोग न करें. तो ये प्रेरणा के साधन नाम मात्र ही रह जायेंगे. इसलिए हमें बड़ो से हमेशा कुछ न कुछ सिखाना चाहिए.

जो कि हमारे भविष्य के लिए काफी लाभदायक भी साबित हो सकता है.हर कार्य को करने में मुशिबतो को झेलना पड़ता है. आज के ज़माने में ऐसा कोई कार्य नहीं है. जिसमे मुश्किलें नहीं होती है.

एक बार असफल हो जाने से किसी की प्रेरणा को गलत साबित नहीं करना चाहिए.बल्कि अच्छी तरह से मेहनत करनी चाहिए, क्योकि ''लक्ष्य जितना कठिन होता है. जीत उतनी ही शानदार होती है.'' किसी भी कार्य को बीच में छोड़ देना कायरता है. तथा बीच में छोड़ दिया गया कार्य कुछ भी काम का नहीं होता है.

किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले हजार निर्णय ले लो परन्तु एक बार निर्णय लेने के बाद अपने लक्ष्य को मत छोडो जो लक्ष्य ले लिया है. अब हमें उसे नहीं छोड़ना चाहिए.बल्कि पूरा करना चाहिए. जो भी प्रेरणा देता है.

वह हमारी योग्यता के अनुसार ही देता है. इसलिए हमें बार-बार मेहनत करके उनकी प्रेरणा पर खरा उतरना चाहिए. तथा जो हमारे माता-पिता हमारे शिक्षक हमारे लिए सपने साझा रखे है. हमें उनके सपनो को पूरा करना चाहिए.

निष्कर्ष

प्रेरणा का आदान-प्रदान करना आसन नहीं होता है. प्रत्येक व्यक्ति की अपनी अलग-अलग भावनाए होती है. कुछ हमारी भावनाए ऐसी होती है. जिन पर हमें खुद ही नियंत्रण करना चाहिए.जैसे-पढना,खाना पीना,हँसाना,रोना, दौड़ना,खेलना आदि में हमें खुद ही प्रेरित होना चाहिए.

हमें किसी भी कार्य के लिए प्रेरणा  लेना बहुत ही महत्वपूर्ण  है.यदि हम अपने जीवन कुछ नहीं कर पा रहे है. या अपने लक्ष्य में असफल हो रहे है. तो इस समय हमें बड़े लोगो से प्रेरणा लेनी चाहिए. जो कि अनुभवी होते है. उनसे आज्ञा लेनी चाहिए. न कि असफल हो जाने पर आत्महत्या जैसी गलत हरकतों की और बढ़ना चाहिए.

जो लोग असफल है. वो मेहनत करके सफल बन सकते है. पर आत्महत्या से कभी-भी सफलता नहीं मिल सकती. आत्महत्या समस्या का निवारण नहीं होती है. आत्महत्या से व्यक्ति अपने इस स्वर्ग रूप संसार को एक छोटी सी समस्या के कारण छोड़ देता है.

ये खुद के पैर पर कुलाड़ी मारने के बराबर है. इसलिए हमेशा अपने जीवन में प्रेरणा के स्रोतों को बनाये रखे तथा अपने जीवन में ऐसा कार्य करे. जिससे प्रत्येक व्यक्ति हमारे जीवन से प्रभावित हो.

तथा प्रेरणा ले और सभी के लिए हम एक बड़ा प्रेरणा का साधन के रूप में हम बन सके.ताकि आने वाले ज़माने में आत्महत्या जैसा अपराध कम हो.मै एक ही बात कहना चाहूँगा,कि आत्महत्या समस्या का समाधान नहीं है.

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