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कबड्डी पर निबंध Essay on Kabaddi in Hindi

कबड्डी पर निबंध Essay on Kabaddi in Hindi- भारत एक ऐसा देश है, जहा अनेक प्रकार के खेल खेले जाते है. सबसे लोकप्रिय खेले में से एक है, कब्बडी जिसे हम मनोरंजन के लिए खेलते है. आज के आर्टिकल में हम लोकप्रिय खेल कब्बडी के बारे में विस्तार से जानेगे.

कबड्डी पर निबंध Essay on Kabaddi in Hindi

कबड्डी पर निबंध Essay on Kabaddi in Hindi
कबड्डी आज के समय का सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है। कबड्डी एक आउटडोर खेल है। हमारे  देश में कई प्रकार के खेल खेले जाते हैं जिसमें कबड्डी भी  एक खेल है। इस खेल को लोग अपने मन से खेलते हैं इस खेल को खेलते समय हमें किसी भी चीज की जरूरत नहीं होती है।

भारत का सबसे पुराना खेल कबड्डी है । कबड्डी का खेल खेलने के लिए  खिलाड़ियों को बल के साथ बुद्धि का भी होना जरूरी है। कबड्डी पहले एक भारत में भी खेला जाता था लेकिन अब भारत के पड़ोसी देश  नेपाल श्रीलंका में भी खेला जाता है। कबड्डी खेल 4000 साल पुराना खेल है 

कबड्डी प्राचीनतम खेलों में से एक है यह वह खेल है जिसमें ताकत तथा फुर्ती दोनों की जरूरत होती है। हमारी खाने-पीने के साथ-साथ खेल भी खेलना जरूरी है। छोटे बच्चे तो सबसे पहले खेल नहीं सीखते हैं। कबरी बांग्लादेश का राष्ट्रीय खेल भी है। 

कबड्डी के खिलाड़ियों को दो भागों में अलग-अलग बांटते हैं। दोनों तरफ 7,7 खिलाड़ी होते हैं। कबड्डी का मैदान 13 मीटर गुना 10 मीटर होता है। मैदान को दो बराबर भागों में बांट कर बीच में एक लाइन खींची जाती है। जिसे मैदान को दो हिस्सों में बांट दिया जाता है। जैसे हम पाला कहते हैं।

दोनों टीमों जब मैदान में उतर जाती है दोनों ही टीमों के कप्तान पर आकर टॉस करते हैं। जो कप्तान टॉस में जीत जाता है। वह पहली रेड के लिए जाता है। जो खिलाड़ी डेट के लिए जाता है उसे रेडर का जाता है। जो खिलाड़ी उसे पकड़ने का प्रयास करते हैं उससे स्टॉपर कहते हैं। 

एक खिलाड़ी कबड्डी जाता है तो दूसरी टीम के खिलाड़ी को टच करके आता है तो उससे 1 अंक मिलता है। और जिस खिलाड़ी को उसने टच किया है वह खिलाड़ी   आउट हो जाता है और उससे कुछ देर के लिए अपने मैदान से बाहर बैठना पड़ता है। कबड्डी का खेल 20:20 मिनट के दो दौर में खेला जाता है। 

जिसमें 5 मिनट का ब्रेक भी मिलता है। जिसमें दोनों टीमों के पहले भी बदले जाते हैं। कबड्डी को एशियाई के खेलों में भी शामिल किया गया है। इसलिए हमारे देश के पड़ोसी देशों में भी यह प्रिय खेल बन चुका है। 2004 से कबड्डी का विश्व कप खेल भी खेला जाता है । अब तक के सभी विश्व कप में भारत ने जीत हासिल की है।

मेरा प्रिय खेल कबड्डी पर निबंध

हमारे जीवन में खेलों का विशेष महत्व रहता है। खासकर महत्वपूर्ण वे खेल होते हैं जिनसे हमारा शारीरिक श्रम होता है खेल हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। वैसे मैं अनेक खेल खेलता हूं। जिसमें कुछ आउटडोर तो कुछ इंडोर खेल भी है। पर मेरा प्रिय खेल कबड्डी है।

हमारे शरीर को हम स्वस्थ रखने के लिए जिस प्रकार खाना-पीना करते हैं उसी प्रकार खेलना भी जरूरी है। कबड्डी सबसे प्यारा खेल है। कबड्डी को शहरों में खेलने के लिए जगह नहीं होती है इसीलिए गांव मे सबसे ज्यादा कबड्डी खेला जाता है। मेरा प्रिय खेल कबड्डी है। 

कबड्डी खेल 4000 साल पुराना खेल है भारत के पंजाब से शुरू हुआ था लेकिन अब भारत के साथ-साथ पड़ोसी देशों में भी कबड्डी खेला जाता है और उनका भी प्रिय खेल है। 

भारत में अलग-अलग खेल खेले जाते हैं जिसमें कबड्डी भी शामिल है। कब्बडी खेल की शुरुआत भारत से ही हुई है. कबड्डी को सब लोग खेलते हैं । कबड्डी खेलते समय हमें किसी भी वस्तु की कोई जरूरी नहीं होती है।

इस खेल को खेलते समय बुद्धि व दिमाग दोनों का उपयोग करते हैं। कबड्डी के मैदान को दो भागों में बांट दिया जाता है जिसके बीच में एक लाइन खींच देते हैं उस लाइन को हम पाला बोलते हैं। 

कबड्डी खेलते  समय दो टीम आमने-सामने उतरती है। जिसमें खिलाड़ियों की संख्या 7,7 होती है। दोनों टीमों के खिलाड़ियों को पाले के आमने सामने खड़े रखकर टॉस करवाते हैं जो खिलाड़ी टॉस में जीत जाता है उससे पहले रेड मिलती है।

जो खिलाड़ी  रेड करने के लिए जाता है उस खिलाड़ी को रेडर कहते हैं । एक खिलाड़ी सामने वाली टीम के खिलाड़ी के हाथ लगा कर आता है तो उसे एक अंक मिलता है और जिस खिलाड़ी के टच किया है वह खिलाड़ी कुछ देर के लिए मैदान से बाहर हो जाता है सामने वाली टीम को स्टॉपर कहते हैं।  

कबड्डी के दोनों टीमों के खिलाड़ियों की ड्रेस का रंग अलग अलग होता है. पर ड्रेस की साइज़ समान ही होती है. इससे यह ज्ञात होता है कि वह कौन सी टीम का खिलाड़ी है और उसके बनियान के आगे और पीछे दोनों तरफ नंबर लेकर होते हैं।  उस नंबर के सहायता से उसका नाम भी पता चल जाता है।

कबड्डी के खिलाड़ी के नंबर इसलिए लगाते हैं उनको उसका नाम पता चले खिलाड़ियों को उनके नाम से पुकारा जाता है। कबड्डी के दोनों टीमों के कप्तान होते हैं। कबड्डी का खेल शुरू होने से पहले दोनों कप्तानों को अपनी अपनी पहचान बनाते हैं। 

कब्बडी मेरा प्रिय खेल होने के कई कारण है, जिसमे कब्बडी से हमारा शारीरिक श्रम हो जाता है. तथा इससे मनोरंजन भो जाता है. इससे शारीर की फुर्ती बढती है. तथा स्फूर्ति बढती है.

कब्बडी एक ऐसा खेल है. जिसमे हमें कुछ खिलाडियों की जरुरत होती है. खिलाडियों के सिवाय हमे कोई वस्तु की जरुरत नहीं पड़ती है. जिस प्रकार अन्य खेलो में पड़ती है. जैसे क्रिकेट में बल्ला, गेंद तथा स्टंप.

कब्बडी एक अन्तर्राष्ट्रीय खेल भी है. इस खेल की अभी तक अनेक प्रतियोगिताए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर हो चुकी है. जिसमे हर बार भारत की टीम ने जीत हांसिल है. जो हमारे लिए गौरव की बात है.

कब्बडी खेल सामान्यतया वे लोग खेलते है, जो ताकतवर तथा फुर्तीले होते है. पर कुछ लोग वे भी होते है, जो फुर्तीले होते है. इस खेल में शक्ति से अधिक फुर्ती की जरुरत होती है.

हमारे देश हर साल राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताए होती है, जिसमे भारत के अनेक राज्यों की टीम भाग लेती है. तथा अच्छा खेल दिखाकर सभी का मनोरंजन करती है. विद्यालय स्तर पर भी इस खेल की प्रतियोगिता होती है.

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