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भगवान श्री राम पर निबंध Short Essay on Lord Rama in Hindi

भगवान श्री राम पर निबंध Short Essay on Lord Rama in Hindi

श्री राम विष्णु के अवतार थे।  भगवान विष्णु के कई अवतार थे जिनमे से संतवा अवतार श्री राम का माना जाता है। श्री राम कई कलाओ से नीपूर्ण थे।

जब संसार मे पाप ज्यादा बढ़ जाता है तभी भगवान किसी-न-किसी  रूप मे आकार पापो का कल्याण करते है।  श्री राम ने लोककल्याण तथा आदर्श प्रस्तुति के लिए अवतार लिया था। श्री राम करुणा,त्याग और समर्पण की प्रतिमूर्ति थे। श्री राम हिन्दुओ के सबसे श्रेष्ठ देवता माने जाते है। उन्होने संसार को मानवता के मार्ग पर चलना सिखाया। वह सत्य-पथी तथा धैर्य रखने वाले माने जाते है।  

निबंध – 1 (1000 शब्द)

परिचय

भगवान श्री राम का ने चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को धरती पर पाप मिटाने के लिए अवतार लिया था। भगवान श्री राम का जन्म वर्तमान उत्तरप्रदेश के आयोध्या मे हुआ।

 श्री राम के पिता का नाम राजा दशरथ था। जो कि आयोध्य के राजा थे। दशरथ के चार पुत्र थे।[ राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न] ये सभी एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे।   

 वह ईमानदार तथा आदर्श व्यक्ति थे।उनसे हमे आदर्श जिंदगी जीने की सीख मिलती है। माना जाता है कि धरती पर पाप इतना बढ़ गया था कि स्वय श्री राम को अवतार लेना पड़ा।श्री राम भगवान विष्णु के अवतार थे। वह बारह कलाए जानते थे।

सीता का  स्वयंवर

  राजा जनक ने अपनी बेटी सीता का विवाह करने के लिए स्वंयवर की रचना की तथा सभी को न्योता दिया गया। कि वह सभी इस प्रतियोगिता मे भाग ले तथा अपना प्रभुत्व दिखाये। और सीता से विवाह कर ले। स्वयंवर की शर्त महादेव के धनुष का खंडन करने वाले के साथ   सीता का स्वय वर रखा गया जिसमे एक शर्त रखी गई थी। कि भी जो इस धनुष को उठाएगा उसकी शादी सीता के साथ कराई जाएगी। 

लेकिन सभी दानव इस शर्त मे हार गए राजा जनक अत्यंत दुखी हो गए कि इस संसार मे ऐसा कोई नहीं जो इसे उठा सके लंकापति रावण भी  इसे नहीं हिला सके परंतु फिर भगवान श्री राम ने महादेव के धनुष का खंडन कर दिया।भगवान राम ने इस विवाह को स्वीकार कर दिया। शर्त के अनुसार राम के साथ सीता का विवाह कर दिया गया।  

बालपन

   श्री राम जन्म  का  एक राजा के घर मे हुआ। उनके पिता का नाम दशरथ तथा माता का नाम कौशल्या था।बालपन से ही श्री राम साहसी और दयालु स्वभाव के थे। उनके पिता दशरथ सबसे ज्यादा प्यार राम से करते थे। राम के बिना वह खाना भी नहीं खाते थे। राजा दशरथ एक पल के लिए भी राम को दूर नहीं जाने देते थे। उनके तीन छोटे भाई थे। श्री राम बड़े होने के नाते सभी भाइयो का ध्यान रखते थे।  हुआ। वह सबसे ज्यादा प्यार अपनी सौतेली माँ कैकैई से करते थे। 

राम की बहन 

भगवान राम की एकमात्र बहन शांता थी। वह राजा दशरथ की बेटी थी। उनकी माता का नाम कौशल्या था। वह राम से बहुत प्यार करती थी। 

भगवान राम का वनवास

राम का विवाह सीता के साथ होने के बाद मे राम ने आयोध्या का राजा बनने का निश्चय किया परंतु राम की सौतेली माँ ने राम और लक्ष्मण को चौदह वर्ष के लिए वनवास भेज दिया।  भरत को न चाहते हुए आयोध्या का राजा बनाया गया। भगवान राम ने वनवास मे कई कष्ट को सहन किये

 रावण द्वारा सीता का हरण 

 
भगवान राम, उनकी पत्नी और उनके छोटे भाई लक्ष्मण वनवास मे थे। तभी रावण की बहन ने सीता का अपमान किया लक्ष्मण इसे सहन नहीं कर सके और रावण की बहन का नाक काट दिया।रावण ने बदला लेने की ठान ली और धोखे से सीता का हरण कर लिया। राम के भक्त जटायु ने रावण को रोकने का प्रयाश किया पर वह असफल रहा रावण ने जटायु के पंख काट दिये। रावण सीता को अपनी लंका मे ले गया। 

शिक्षा
भगवान श्री राम ने अपनी शिक्षा गुरु विशिष्ट द्वारा प्राप्त की और उनके गुरु की आज्ञा मानते थे। अपने गुरु की सेवा करते थे। प्रभु राम बचपन से ही बहुत पराक्रमी थे। बचपन से वह पराक्रमी थे। भगवान राम बड़े होकर राक्षस रावण का वध कर इस संसार को पावन बनाया। और अपने इस देश का मान बढ़ाया।  
रामनवमी 

शास्त्रो के अनुसार भगवान राम का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन  हुआ था। इसी दिन प्रत्येक वर्ष रामनवमी का त्योहार मनाया जाता है। इसलिए इस त्योहार के दिन को रामजन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। राम का जन्म इसी तिथि को होने के कारण चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को रामनवमी का विशाल तथा भव्य त्योहार मनाते है।  

रावण का अंत
रावण बहुत मायावी था। वह भगवान शिव का भक्त हुआ करता था। शिव ने उसे कई वरदान दिये परंतु रावण ने उन वरदानो का दुरुपयोग किया।

रावण और राम का अंतिम युद्ध मे रावण के भाई विभीषण ने राम की मदद की रावण के दस सिर काटकर उसे मारना असंभव था। आखिरकार राम ने रावण को हरा दिया और सीता को लेकर चौदह वर्ष का वनवास पूर्ण कर वापस आयोध्या आए। राम की रावण से विजय की बधाई मे दीपक जलाकर उनका स्वागत किया। उस दिन से हम हर वर्ष को दीपावली मानते है।

अयोध्या वापसी

 भगवान राम ने लंकाधिस रावण जैसे राक्षस को मारकर रावण के छोटे भाई विभीषण को लंका का राजा बना दिया। तथा राम, सीता, लक्षमण और अपनी वानर साइना के साथ आयोध्या वापस आये। भगवान राम का राज्यभिषेक कर दिया गया। पाप पर धर्म की विजय से पूरा राज्य खुशी से घूम उठा। भगवान राम को पूजने लगे। तथा राम का स्वागत दीपक जलाकर किया था। 
निष्कर्ष 

श्री राम की इतनी उपलब्धिया है कि हम सभी को लिख नहीं पाएगे।  परंतु श्री राम ने कई राक्षसो का वध कर शांति का माहौल बनाया।

 श्री राम ने राक्षसो का सफाया करने के लिए अवतार लिया तथा रावण जैसे राक्षस को भी मार कर धरती पर बोज को कम कर दिया। श्री राम का व्यक्तितत्व अतुलनीय है।श्री राम हिन्दुओ के सबसे लोगप्रिय देवता थे,और आज भी है।