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बाल दिवस पर निबंध / Essay on Children’s Day in Hindi

बाल दिवस पर निबंध- नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है.आज के इस आर्टिकल में हम भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी की जयंती पर बाल दिवस के रूप में मनाते हैं. इस लेख में हम बाल दिवस पर छोटे-बड़े निबंध लेकर आए है.इसका प्रयोग आप प्रतियोगी परीक्षा में कर सकते है.

बाल दिवस पर 10 वाक्य 10 Line On Children’s Day in Hindi

बाल दिवस पर 10 वाक्य 10 Line On Children’s Day in Hindi
  1. हमारे देश में हर साल 14 नवम्बर को बाल दिवस मनाया जाता है.
  2. भारत के प्रथम प्रधानमंत्री चाचा नेहरू के जन्मदिन के अवसर पर बाल दिवस मनाया जाता है.
  3. 1964 से पूर्व बाल दिवस 20 नवम्बर को मनाया जाता था.पर नेहरू की मौत होने बाद बाल दिवस उनकी जयंती के दिन शुरू कर दिया.
  4. नेहरू के बच्चो के प्रति हमेशा अच्छे भाव रहते थे.वे हमेशा बाल दिवस में भाग लिया करते थे.
  5. नेहरू जी को नेहरू चाचा का नाम विद्यार्थियों द्वारा दिया गया.
  6. बच्चो के अधिकार तथा कर्तव्यो के बारे में लोगो अवागत करवाने के लिए बाल दिवस मनाया जाता है.
  7. बाल दिवस देश के हर क्षेत्र में मनाया जाता है.
  8. बाल दिवस के दिन सरकारी कार्यलयो में अवकाश रखा जाता है.
  9. बाल दिवस के अवसर पर नेहरू जी को सादर श्रंद्धाजलि  दी जाती है.
  10. बाल दिवस विद्यालयों में बड़ी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है.तथा इस दिन अनेक प्रतियोगिताओ का आयोजन भी किया जाता है. 

बाल दिवस पर निबंध Essay on Children’s Day in Hindi

बाल दिवस पर निबंध Essay on Children’s Day in Hindi
भारत विविधताओं से भरा विशाल देश हैं. यहाँ हरेक दिन तिथि का अपना विशेष महत्व हैं. हरेक दिन के पीछे कोई धारणा, प्रसंग व महत्व जुड़ा हुआ हैं. भारत में कई पर्व उत्सव तीज त्यौहार, जयंतियां तथा घटनाएं जुड़ी होती हैं. भारत में कई राष्ट्रीय पर्व एवं उत्सव भी मनाए जाते है.

सभी को अपना अलग अलग महत्व होता हैं. ऐसा ही एक पर्व है बाल दिवस, यह बच्चों का दिन है तथा इस दिन का एक और प्रसंग पंडित जवाहरलाल नेहरु से जुड़ा हुआ हैं. भारत के प्रधानमंत्री पंडित नेहरु का जन्म भी 14 नवम्बर को हुआ था. अतः नेहरु जयंती को हम हर साल बाल दिवस के रूप में मनाते हैं.

बाल दिवस का अर्थ होता है बच्चों का दिन या बच्चों के लिए दिन. भारत में हर साल 14 नवम्बर को सरकारी स्कूलों तथा अन्य शिक्षण प्रतिष्ठानों में बाल दिवस कार्यक्रम को बड़े ही धूमधाम तरीके से मनाया जाता हैं. भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु का जन्म 14 नवम्बर के दिन हुआ था. वे बच्चों से अथाह प्रेम करते थे.

बच्चें से स्नेह से उन्हें चाचा नेहरु के नाम से संबोधित करते थे. इस प्रकार बच्चे इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाकर अपने प्रिय चाचा नेहरु को याद करते है तथा उनके सम्मान में विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती हैं.

वे जीवन पर्यन्त बच्चों से स्नेह करते रहे, वे अपने जन्म दिन को राज परिवार में मनाने की बजाय बच्चों के साथ मनाया करते थे. अपने व्यस्त जीवन के बीच देश के बच्चों के साथ वे अठखेलियाँ करते उनसे संवाद करते तथा देश के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा दिया करते थे.

पंडित नेहरु का जीवन यूँ कहे बच्चों के लिए पूर्ण समर्पित था तो कुछ भी गलत नहीं होगा, उनके दिल में बच्चों से अधिक प्रिय कोई चीज नहीं थी. आज भले ही चाचा नेहरु नहीं रहे फिर भी देशभर के बच्चे उन्हें अपना आदर्श मानते है तथा उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प बाल दिवस के दिन लेते हैं.

भारत के हरेक कोने में बाल दिवस को धूमधाम से मनाया जाता हैं. बच्चों के लिए यह प्रसन्नता का दिन होता है जब उनका मन मस्तियो से हिलोरे मारने लगता हैं. बच्चों के मन को प्रसन्न करने के लिए समाज, सरकार व विद्यालय भी इन कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते हैं. अभिभावक भी बच्चों को इस दिन कुछ उपहार देते हैं. शिक्षा संस्थानों यथा स्कूल आदि में बच्चों के मन को आह्लादित करने वाले समारोहों में बच्चों को प्रस्तुती देने के अवसर दिए जाते हैं.

साल में भले ही बाल दिवस एक बार मनाया जाता है यह साल भर की ताजगी व नयें अनुभव प्रदान करता हैं. बच्चें समाज व देश की धरोहर होते है उनकी इच्छाओं तथा अपेक्षाओं को पूरा करना सभी का कर्तव्य हैं. क्योंकि ये बच्चे ही बड़े होकर देश का नेतृत्व स्भालेगे तथा राष्ट्र के भविष्य का निर्धारण करेगे. अतः अभिभावक व शिक्षक समुदाय की यह जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को इच्छित लाड प्यार दे तथा संस्कारों से उनकी परवरिश करे.

बाल दिवस समारोह पंडित जवाहरलाल नेहरु के जीवन से जुड़ा हुआ हैं. उनकी वर्षगांठ को देशभर में मनाया जाता हैं. उनकी शिक्षाओं एवं कथनों का प्रचार प्रसार किया जाता हैं. उनके निवास तीन मूर्ति भवन को इस दिन आकर्षक रूप से सजाया जाता हैं. बच्चों के लिए बाल सभाओं का आयोजन होता हैं. नेहरु जी हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री एवं स्वतंत्रता सेनानी थे, उनका जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए आदर्श की मिसाल हैं.

वे मानवता एवं प्रेम के पुजारी थे. उन्होंने स्वतंत्र भारत को विकास के पथ पर आगे बढाते हुए विश्व को युद्धों की विभीषिका से भी बचाया. गुटनिरपेक्षता के उनके विचार आज भी विश्व के विकासशील देशों के लिए भविष्य की राह का अच्छा विकल्प हैं. इस तरह बाल दिवस केवल औपचारिक रूप से न मनाकर इसकी सार्थकता को समझा जाए तथा बच्चों के जीवन को भी प्रेरणा देने वाले नेहरु जी के विचारों को प्रसारित करे.

 बाल दिवस पर निबंध Essay on Children’s Day in Hindi

बाल दिवस पर निबंध baal divas par nibandh
हमारे देश के राष्ट्रीय पर्वो को एक महान व्यक्ति के साथ जोड़ा जाता है.जिस प्रकार बाल दिवस को भी चाचा नेहरू की जयंती से जोड़ा गया है.इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य बालको के लिए लोगो को प्रेरित करना है.बाल दिवस का विशेष महत्व है.बाल दिवस को बालको की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है.

वैसे देखा जाए तो बाल दिवस दो शब्दों से मिलकर बना है.बाल और दिवस जिसका शाब्दिक अर्थ होता है.बच्चो का दिन/दिवस हमारे देश में चाचा नेहरू की जयंती के अवसर पर बाल दिवस मनाया जाता है.चाचा नेहरू अपने सम्पूर्ण जीवन में बच्चो से बहुत प्यार करते थे.हमेशा बच्चो के साथ घुले मिले रहते थे.

नेहरू का बच्चो के प्रति लगाव और सरकार के प्रयासों के बल पर 14 नवम्बर को नेहरू की जयंती पर बाल दिवस की शुरुआत की.नेहरू जी के निधन के पूर्व बाल दिवस 20 नवम्बर को मनाया जाता था.पर नेहरू की मौत हो जाने पर इस उत्सव की दिनांक को 20 नवम्बर से बदलकर 14 नवम्बर कर दी.
 
बाल दिवस बच्चो को सम्मान दिलाने के लिए मनाया जाता है.इस दिन विद्यालयों में अनेक कार्यकर्मो का आयोजन किया जाता है. तथा इस दिन बालक ही विद्यालय का कारोबार संभालते है.विद्यालय में सभी अथिति पहुंचते है.और बाल दिवस को मनाते है.चाचा नेहरू बाल दिवस के दिन अपना सम्पूर्ण कार्य छोड़कर बाल दिवस के उत्सव पर भाग लेते थे.

बाल दिवस बालको द्वारा मनाया जाता है.इस दिन सभी कार्य बालको द्वारा किये जाते है.जिसमे शिक्षक भी बालक बनते है.और एक दिन के लिए प्रधानाचार्य का पद भी बालक ही ग्रहण करते है.बाल दिवस के अवसर पर विद्यालय में वार्षिक उत्सवो का आयोजन किया जाते है.तथा कई प्रकार की प्रतियोगिताए भी की जाती है.

बाल दिवस भारत सहित अनेक देशो में मनाया जाता है.बाल दिवस हमारे देश के हर कोने में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है.इस दिन को बच्चो के लिए अर्पित किया जाता है.बच्चो की हर जिज्ञासा को पूरा करने का प्रयास किया जाता है.तथा बच्चो की बड़े देख-रेख की जाती है.इस उत्सव पर बालक अपनी खुशिया सुमते है.

बालको के महत्व के लिए बाल दिवस महत्वपूर्ण उत्सव है.इस दिन बालको को सबसे ज्यादा ख़ुशी प्राप्त होती है.इस दिन बच्चे बड़ो के साथ मिलकर बाते करते है.तथा अपने लक्ष्य और भविष्य के बारे में बताते है.जिससे सभी सुनकर अपनी-अपनी राय देते है.इस दिन बालक को सबसे ज्यादा खुश देखा जाता है.

बालको की प्रसन्नता को देखते हुए इस उत्सव को ओर भी ज्यादा महत्व दिया जाता है.इस उत्सव को बालक अपनी प्रस्तुति देकर एक शानदार दिवस के रूप में मनाते है.बालको को इस दिन का लम्बे समय से इंतजार रहता है.बाल दिवस की ये छटा मुझे बहुत अच्छी लगती है.
 
हर साल दर साल बाल दिवस में बदलाव हो रहे है.हर बार बालक अपने दिवस को मनोरम बनाने के लिए प्रयास करते है.तथा परिणामस्वरूप हर बार बाल दिवस का उत्साह इतना बढ़ जाता है.मानो पहली बार मनाया जा रहा हो.देश के विकाश में बालको की महत्वपूर्ण भूमिका होगी.चाचा नेहरू जो भारत के प्रथम प्रधानमन्त्री थे.नेहरू जी बच्चे से बहुत स्नेह रखते थे.इसलिए उनके सम्मान को बनाये रखने और उनका अनुसरण करते हुए आज भी इस दिन सभी लोग बच्चो के साथ प्यार से पेश आते है.

बाल दिवस के अवसर पर हमारे देश के नेता आज भी शामिल होते है.तथा बच्चो से वार्तालाप करते है.पिछली बार जब बाल दिवस का आयोजन किया गया तो हम सभी विद्यार्थियों को एक जगह पर बिठाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिखाया गया.और इत्सुक विद्यार्थियों को वार्तालाप करने का मौका भी मिला.नरेन्द्र मोदी जी के इस अनूठे प्रेम को देखकर में बहुत खुश हुआ.और मै उम्मीद करता हूँ,कि हर बाल दिवस पर हर प्रधानमंत्री बच्चो के साथ वार्तालाप करें.तथा अपने विचार बच्चो के समक्ष रखें.

बाल दिवस पर बच्चो के आनंद को बढाने के लिए विद्यालयों में बाल सभाए होती है.जिसमे सभी विद्यार्थी बढ़ चढ़कर भाग लेते है.और इस सभा को और भी मजेदार बना देते है.इस दिन विद्यार्थो दवारा नेहरू जी के जीवन के बारे में विद्यार्थियों को बताया जाता है.इस प्रकार इस दिन बच्चे अपने पुरे साल में सबसे ज्यादा खुश नजर आते है.

बाल दिवस बच्चो को नया सिखाने के लिए मनाया जाता है.इसलिए बड़े लोगो तथा अभिभावकों की जिम्मेदारी होती है.कि वे इस दिवस में भाग लें. तथा बच्चो के प्रति भेंट करें.और उन्हें जीवन में कुछ अच्छा करने और महारथी बनने के लिए प्रेरित करें.बच्चो के साथ हमेशा अच्छा व्यवहार करें.