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बाल दिवस पर निबंध / Essay on Children’s Day in Hindi

बाल दिवस पर निबंध / Essay on Children’s Day in Hindi: नमस्कार दोस्तों आपका स्वागत है भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जी की जयंती को बाल दिवस के रूप में मनाते हैं. 2019 को बाल दिवस 14 नवम्बर पर बच्चों के लिए सरल भाषा में लिखा स्पीच एस्से अनुच्छेद पैराग्राफ यहाँ बता रहे हैं.

Essay on Children’s Day in Hindi

भारत विविधताओं से भरा विशाल देश हैं. यहाँ हरेक दिन तिथि का अपना विशेष महत्व हैं. हरेक दिन के पीछे कोई धारणा, प्रसंग व महत्व जुड़ा हुआ हैं. भारत में कई पर्व उत्सव तीज त्यौहार, जयंतियां तथा घटनाएं जुड़ी होती हैं. भारत में कई राष्ट्रीय पर्व एवं उत्सव भी मनाए जाते है सभी को अपना अलग अलग महत्व होता हैं. ऐसा ही एक पर्व है बाल दिवस, यह बच्चों का दिन है तथा इस दिन का एक और प्रसंग पंडित जवाहरलाल नेहरु से जुड़ा हुआ हैं. भारत के प्रधानमंत्री पंडित नेहरु का जन्म भी 14 नवम्बर को हुआ था. अतः नेहरु जयंती को हम हर साल बाल दिवस के रूप में मनाते हैं.

बाल दिवस का अर्थ होता है बच्चों का दिन या बच्चों के लिए दिन. भारत में हर साल 14 नवम्बर को सरकारी स्कूलों तथा अन्य शिक्षण प्रतिष्ठानों में बाल दिवस कार्यक्रम को बड़े ही धूमधाम तरीके से मनाया जाता हैं. भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु का जन्म 14 नवम्बर के दिन हुआ था. वे बच्चों से अथाह प्रेम करते थे बच्चें से स्नेह से उन्हें चाचा नेहरु के नाम से संबोधित करते थे. इस प्रकार बच्चे इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाकर अपने प्रिय चाचा नेहरु को याद करते है तथा उनके सम्मान में विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाती हैं.

वे जीवन पर्यन्त बच्चों से स्नेह करते रहे, वे अपने जन्म दिन को राज परिवार में मनाने की बजाय बच्चों के साथ मनाया करते थे. अपने व्यस्त जीवन के बीच देश के बच्चों के साथ वे अठखेलियाँ करते उनसे संवाद करते तथा देश के लिए कुछ कर गुजरने की प्रेरणा दिया करते थे. पंडित नेहरु का जीवन यूँ कहे बच्चों के लिए पूर्ण समर्पित था तो कुछ भी गलत नहीं होगा, उनके दिल में बच्चों से अधिक प्रिय कोई चीज नहीं थी. आज भले ही चाचा नेहरु नहीं रहे फिर भी देशभर के बच्चे उन्हें अपना आदर्श मानते है तथा उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प बाल दिवस के दिन लेते हैं.

भारत के हरेक कोने में बाल दिवस को धूमधाम से मनाया जाता हैं. बच्चों के लिए यह प्रसन्नता का दिन होता है जब उनका मन मस्तियो से हिलोरे मारने लगता हैं. बच्चों के मन को प्रसन्न करने के लिए समाज, सरकार व विद्यालय भी इन कार्यक्रमों में भागीदारी निभाते हैं. अभिभावक भी बच्चों को इस दिन कुछ उपहार देते हैं. शिक्षा संस्थानों यथा स्कूल आदि में बच्चों के मन को आह्लादित करने वाले समारोहों में बच्चों को प्रस्तुती देने के अवसर दिए जाते हैं.

साल में भले ही बाल दिवस एक बार मनाया जाता है यह साल भर की ताजगी व नयें अनुभव प्रदान करता हैं. बच्चें समाज व देश की धरोहर होते है उनकी इच्छाओं तथा अपेक्षाओं को पूरा करना सभी का कर्तव्य हैं. क्योंकि ये बच्चे ही बड़े होकर देश का नेतृत्व स्भालेगे तथा राष्ट्र के भविष्य का निर्धारण करेगे. अतः अभिभावक व शिक्षक समुदाय की यह जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को इच्छित लाड प्यार दे तथा संस्कारों से उनकी परवरिश करे.

बाल दिवस समारोह पंडित जवाहरलाल नेहरु के जीवन से जुड़ा हुआ हैं. उनकी वर्षगांठ को देशभर में मनाया जाता हैं. उनकी शिक्षाओं एवं कथनों का प्रचार प्रसार किया जाता हैं. उनके निवास तीन मूर्ति भवन को इस दिन आकर्षक रूप से सजाया जाता हैं. बच्चों के लिए बाल सभाओं का आयोजन होता हैं. नेहरु जी हमारे देश के पहले प्रधानमंत्री एवं स्वतंत्रता सेनानी थे, उनका जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए आदर्श की मिसाल हैं.

वे मानवता एवं प्रेम के पुजारी थे. उन्होंने स्वतंत्र भारत को विकास के पथ पर आगे बढाते हुए विश्व को युद्धों की विभीषिका से भी बचाया. गुटनिरपेक्षता के उनके विचार आज भी विश्व के विकासशील देशों के लिए भविष्य की राह का अच्छा विकल्प हैं. इस तरह बाल दिवस केवल औपचारिक रूप से न मनाकर इसकी सार्थकता को समझा जाए तथा बच्चों के जीवन को भी प्रेरणा देने वाले नेहरु जी के विचारों को प्रसारित करे.

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