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बंदर पर निबंध Essay on Monkey in Hindi

बंदर पर निबंध Essay on Monkey in Hindi- नमस्कार दोस्तो आज का हमारा लेख है। हमारे पूर्वज कहे जाने वाले बंदर के बारे मे सम्पूर्ण जानकारी उनका इतिहास तथा मानव प्रजाति मे उनका महत्व सभी के बारे मे विस्तार से जानेंगे। आज के इस लेख में, हम सरल भाषा में बंदर के बारे में जानकारी प्रदान कर करेंगे।

बंदर पर निबंध Essay on Monkey in Hindi

बंदर मानव जाति का प्राचीन रूप है, जिसे हम अपना पुराना रिश्तेदार मानते है. बंदर वैसे तो वनों में ही रहते है, और बड़े से बड़े जानवरों जैसे शेर बाघ आदि को अपने फुर्तीली रफ़्तार से परेशान करता है.

बंदरो के घर जंगल ही होते है, पर मानव इनके घरो को काट रहे है. जिस कारण कई बार बंदर लोगो को जंगल में ही खत्म कर देते है. क्योकि वे अपने घरो की रक्षा करते है.

बन्दर आज के समय में वनों की कमी के कारण गाँवो और शहरो में भी देखे जाते है, जो आम जनता के लिए चिंता का विषय है, क्योकि बंदर स्वभाव के बड़े शरारती होते है. इसलिए इनसे बचकर रहना ही उचित है.

प्राचीन वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन के शोध के अनुसार मानव जाति का उत्पति बंदरो से ही हुई है. ये सच है, क्योकि मनुष्य का बंदर का डीएनए काफी मिलता जुलता होता है.

वर्तमान में कई लोग बंदरो को भगवान मानकर घर में रखते है, तो कई लोग इसे मारने में लगे है. इनके संरक्षण के लिए विश्व स्तरीय बंदर दिवस 14 दिसम्बर को विश्व बंदर दिवस मनाया जाता है.

बंदर स्वभाव से शरारती होते है, पर ये दयालु भी होते है, ये अपनी दया कुछ लोगो या जानवरों पर दिखाते है, कई बार बंदरो को जानवरों की सेवा करते देखा गया है, जिसमे कई बार खरगोश जैसे शाकाहारी जानवरों के लिए लम्बे पेड़ो से पत्ते नीचे गिराकर उनकी सेवा करते हुए देखा गया है.

बंदर सबसे तेज जानवर होता है, ये पेड़ो पर रहता है, जिस कारण ये जंगल पर आने वाले किसी भी खतरे की सुचना सबसे पहले जानवरों को देता है, जिससे सभी अपनी रक्षा कर सकें.

बंदरो को मनुष्य का पारिवारिक सदस्य माना जाता है. बंदर मानव जाति की तरह ही लोगो की भावनाओ की पढता है. तथा हमेशा शाकाहारी भोजन करता है, पर कई बार कीडेमकोडे भी खा जाता है.

बंदर की आयु मनुष्य की भांति बहुत कम होती है. जहा एक मनुष्य 60 वर्ष से अधिक जीवन जीता है, वही एक बंदर मात्र 15 वर्ष की आयु ही पूर्ण कर पाता है.

बंदर जीवन में हर कार्य कर सकते है, पर बंदर को मदारी द्वारा गाँव गाँव में ले जाकर प्रदर्शन करवाया जाता है. तथा लोगो सर पैसे मांगने की कला सिखाई जाती है, जो बंदर कुछ ही समय में सिख जाता है, इस प्रकार मादरी बंदर को मजदूरी का साधन बनाता है.

सभी बंदर एक ही प्रकार के नहीं होते है, कुछ बंदर हमला बहुत तेजी से करते है. और बंदर के दांत बहुत मजबूत होते है. जिस कारण वे एक ही हमले से किसी भी व्यक्ति की चमड़ी उदेड देते है.

बंदरो को सर्कस में बंद किया जाता है. मदारी गाँव गाँव लेकर जाते है, ये बंदरो को बिलकुल पसंद नहीं है. बंदर स्वतंत्रत रहना चाहते है. जो हर जानवर की अभिलाषा होती है.

बंदर पर निबंध Essay on Monkey in Hindi

बंदर पर निबंध Essay on Monkey in Hindi 

बंदर मनुष्य का अपररूप तथा हमारी मनुष्य जाति का जन्मदाता है, जिसे मामा के नाम से जानते है। बंदर सबसे प्राचीन जीव है। इन्हे हमारे पूर्वज के रूप मे मानते है। बंदर की वर्तमान मे लगभग 250 प्रजातीय पायी जाती है। 

बंदर को सबसे खतरनाक जीव माना जाता है। वैसे तो ये शांत स्वभाव का होता है। ये मदारी के साथ जाकर सभी का मनोरंजन करता है। परंतु इसे छिड़ा दिया जाए तो ये जानलेवा भी बन जाता है।

यहा तक कि ये अपने मालिक को भी मार देता है। ये बहुत तेजी से वार करता है। पलक झपकते ही ये बहुत ही खतरनाक वार करता है।

बंदर को हनुमान जी के रूप मे भी मानते है। हनुमान जी भी एक बंदर ही थे। इसलिए बंदर को हनुमान जी माना जाता है। बंदर बहुत ही चालक तथा फुर्तीले होते है। भगवान राम के सेना मे अधिकांश वानर सेना थी। जिसमे बंदर तथा लंगूर थे।


बंदर के चार पंजे होते है। जिसमे से ये दो पंजो का प्रयोग चलने तथा बैठने मे करता है। और अन्य दो पंजो का प्रयोग वृक्ष पर चढ़ने, वार करने तथा अपना भोजन करने के लिए करता है। बंदर के एक लंबी पुंछ होती है। जिससे ये शत्रु को मारने पेड़ से लिपटने तथा बैठने के लिए इसका प्रयोग करता है।


बंदर मानव के बाद सबसे बुद्धिमान जीव माना जाता है। बंदर को केला तथा चना बहुत पसंद है। ये फल-फूल, हरी पत्तिया तथा कीड़े मकोड़े भी खाते है। बंदर मनुष्य की नकल करता है। ये मनुष्य की तरह ही हरकते करते है। बंदर को नकल के लिए सबसे माहिर माना जाता है।


बंदर एक समूह मे रहते है। इनके समूह का एक मुखिया भी होता है। ये ज़्यादातर मंदिरो तथा धार्मिक स्थलो पर पाये जाते है। जहा इन्हे भोजन तथा इन्हे सम्मान मिलता है।


हिन्दूओ के लिए ये सबसे लोगप्रिय होते है। क्योकि इन्हे हिन्दू हनुमान जी मानते है। जो कि इनकी प्रजाति थे। सभी बंदरो मे हनुमान जी का निवास होता है। इसलिए इनका सम्मान करते है। तथा इन्हे भोजन कराते है। ये अच्छे लोगो के साथ अच्छा व्यवहार करते है। ये इनकी प्रमुख विशेषता है।


बंदर का दिमाक बहुत ही तेज होता है। ये हर कार्य को बहुत ही सावधानी पूर्वक करता है। ये मदारी लोगो की आमदनी का प्रमुख साधन होता है। मदारी बंदरो को सीखकर लोगो से पैसा भी वसूल करते है। मदारी बंदर के माध्यम से लोगो को एक तरह से लुटता है। बंदर समय-समय मज़ाक करता रहता है। जो उन्हे सिखाया जाता है। बंदर सर्कस मे भी पाये जाते है। 


बंदरो को बंधी बनाकर लोग पैसा कमाते है। ये बंदरो को अच्छा नहीं लगता है। बंदर को छूना सबसे बड़ी गलती होती है। यदि आप बंदर सेबहुत प्रेम भाव रखते है। तो भी आपको बंदर को गलती से भी स्पर्श नहीं करना चाहिए। क्योकि बंदर को स्पर्श करना उसे अच्छा नहीं लगता है।


बंदर से हमे दूर रहना चाहिए। खासकर बच्चो को इससे दूर रहना चाहिए। क्योकि ये अपनी हरकतों से जितना भोला-भाला दिखता है। ये उससे बहुत ही ज्यादा शरारती होता है। यदि इसे प्रसाद या कोई भी वस्तु नहीं देता है। तो वह उस पर हमला करके उससे वह छीन लेता है।


बंदर बेवजह लोगो पर सबसे ज्यादा हमला करता है। यहा तक कि ये बिना वजह किसी कि जान भी ले सकता है। ये बंदर कि सबसे बुरी आदत होती है। उनकी ये आदत बंदर प्रजाति के प्रति प्रेमभाव को तोड़ती है। मनुष्य कि भांति बंदर के भी 32 दांत होते है। 


बंदर के दांत बहुत ही नुकीले तथा मजबूत होते है। ये एक जबड़े से मनुष्य कि मजबूत समड़ी को भी आसानी से उदेड़ सकता है। अधिकांश बंदर अविश्वसनीय (जिस पर विश्वास नहीं किया जा सकें।) होते है। इस पर विश्वास करना मौत को दावत देने के बराबर होता है। हालांकि कुछ बंदर अच्छे स्वभाव के भी होते है।


बंदर चालाक तथा बुद्धिमान होता है। इसमे मनुष्य का 98 प्रतिशत डीएनए पाया जाता है। समान्य बंदर की औसतम आयु 20 वर्ष से लेकर 35 वर्ष तक होती है। बंदरो के अनेक रंग तथा आकार होते है।


बंदर की शारीरिक बनावट मनुष्य के समान ही होती है। बंदर के दो पैर तथा दो हाथा होते है।इसके एक लंबी पुंछ होती है। इसके दो नाक, दो कान, दो आँख तथा इसके 32 दांत होते है। इसके शरीर पर घने केश (बाल) होते है। जो कि इसे सर्दियों मे ठंड तथा वर्षा से बचाती ही। ये बंदर की पौशाक होती है।


इनके हाथ का पंजा बहुत ही खतरनाक होता है। यदि ये एक ज़ोर से थप्पड़ मारे तो व्यक्ति के लिए असंभव के बराबर होता है। ये किसी भी वस्तु को पकड़ने मे बहुत माहिर होते है। यदि इसे पत्थर मारा जाए तो यह उसे कैच कर लेता है। और वापस उसी को दुगनी रफ्तार से मारता है। इसलिए बंदर से मज़ाक भी नहीं करती चाहिए।


मनुष्य का सबसे नजदीकी या रिश्तेदार जीव बंदर को माना जाता है। ये स्वतंत्र रहना पसंद करता है। ये एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर उछल-कूद करता रहता है। ये मनोरंजन का बहुत बड़ा साधन है। इससे लोग पैसा भी कमाते है।


बंदर समूह मे रहते है। बंदरो के समूह को ट्रूप कहा जाता है। बंदरो की कई प्रजातीय शाकाहारी तथा कई प्रजातीय मांसाहारी भी होती है। बंदरो के महत्व को देखते हुए कई देशो मे 14 दिसम्बर को ''मंकी डे'' के रूप मे मानते है।


इस दिन बंदरो का बहुत मन-सम्मान किया जाता है। इस दिन अनेक कार्यकर्मों का आयोजन भी किया जाता है। जिसमे बच्चो के मनोरंजन के लिए उन्हे बंदरो को बताया जाता है। बंदरो द्वारा डांस करवाया जाता है।


बंदरो को जातियो मे विभाजित किया जाता है। एक एशिया (नवीनतम बंदर एशिया मे पाये जाते है। ) के तथा दूसरे दक्षिण अफ्रीका (पुराने समय मे पाये जाने वाले बंदर) के बंदर है। नवीनतम बंदरो के 36 दांत होते है। इनकी प्रजातीय लगातार बढ़ती जा रही है। वर्तमान मे इनकी 264 प्रजातीय पायी जाती है। 


बंदर बोल नहीं सकते ये मुक भाषा मे बाते करते है। ये अपने इसरो के बाते करते है। इनकी आंखे बहुत ही कमजोर होती है। इन्हे पानी से बहुत दर लगता है। मनुष्य भी इसी प्रकार का हुआ करता था। आज भी मनुष्य का 98% डीएनए बंदरो से मिलता है। ये गणना भी कर सकते है।


दुनिया का सबसे बड़ा बंदर कौनसा है? इस दुनिया का सबसे बड़ा बंदर ''मैंनड्रिलस स्फीक्स'' प्रजाति के होते है। जो 1 लंबे तथा 36 किलोग्राम से अधिक भारी होते है।


दुनिया का सबसे छोटा बंदर कौनसा है? पिग्मी मार्मोसेट बंदर सबसे छोटे होते है। जिनका भार 100 ग्राम तथा 5-6 इंच लंबे होते है। एक समान्य बंदर 4 फीट लंबा तथा 30 किलोग्राम भार वाला होता है।


बंदर का वैज्ञानिक नाम क्या होता है? समान्य बंदर का वैज्ञानिक मकाका मुलेटा होता है। वैसे तो इसकी अनेक प्रजातियों के आधार पर इनके अलग-अलग वैज्ञानिक नाम होते है।


प्रथम बार अन्तरिक्ष मे जाने वाला बंदर कौनसा था? आपने कभी चुना है कि कोई बंदर भी अन्तरिक्ष मे गया है। 14 जून 1949 को अल्बर्ट नामक बंदर अपनी बंदर प्रजाति मे प्रथम बार अन्तरिक्ष मे जाने वाला बंदर बना था। ये चंद्रमा पर जाने वाला प्रथम बंदर था।


मादा बंदर अपने बच्चे को 6-8 महीने तक अपने गर्भ मे रखता है। अधिकांश मादा बंदर एक बार मे एक ही बंदर को जन्म देती है। पालतू बंदर वफादार भी होते है।


एक बार एक व्यक्ति की मौत हुई तो तुरंत बाद उसका बंदर भी मर गया औरउन दोनों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया जिससे हम अनुमान लगा सकते है। कि बंदर वफादार भी होता है।

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